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पढि़ए क्या हुआ जब हवलदार और सिपाही ने विभाग में पदस्थ महिला आरक्षक से की छेड़छाड़

Molestation Case: महिला सिपाही से एक हवलदार और एक सिपाही द्वारा छेडख़ानी करने का मामला सामने आया है।

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पढि़ए क्या हुआ जब हवलदार और सिपाही ने विभाग में पदस्थ महिला आरक्षक से की छेड़छाड़

पढि़ए क्या हुआ जब हवलदार और सिपाही ने विभाग में पदस्थ महिला आरक्षक से की छेड़छाड़

कोरबा. एक साल से महिला सिपाही न्याय के लिए अपने ही विभाग का चक्कर काट रही थी। बयान के नाम महिला सिपाही को कई बार दफ्तर बुलाया गया, लेकिन जांच करने वाले अधिकारी ने सबूतों को अपर्याप्त मानकर कार्रवाई से इंकार कर दिया। जांच अधिकारी ने वरिष्ठ अफसर को फाइल बंद करने के लिए सिफारिश भी की, तब भी महिला सिपाही ने हार नहीं मानी। न्याय के लिए उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश से महिला सिपाही की उम्मीद जगी है।

छेड़छाड़ के मामले में कोर्ट ने एक हवलदार और एक सिपाही पर केस दर्ज कर जांच करने के आदेश दिया है। पुलिस का कहना है कि केस जल्द दर्ज कर जांच चालू की जाएगी। घटना दर्री थाना क्षेत्र की है। बताया जाता है कि पिछले साल दर्री थाना क्षेत्र में एक महिला सिपाही से रास्ता रोककर हवलदार और सिपाही ने छेडख़ानी की थी। महिला सिपाही के साथ गाली गलौज भी किया था। महिला सिपाही ने घटना की शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की थी।

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एसपी ने दर्री के पूर्व सीएसपी को जांच का दायित्व सौंपा था। सीएसपी ने मामले की जांच की। हवलदार और सिपाही को आरोपों से बरी कर दिया। जांच पूरी कर फाइल बंद करने के लिए एसपी कार्यालय को सिफारिश कर दी। पूर्व एसपी ने सीएसपी की रिपोर्ट को आधार बनाकर केस को बंद कर दिया।
निष्पक्ष जांच नहीं होने पर महिला सिपाही ने कोर्ट की शरण की। कटघोरा की एक कोर्ट में परिवार दायर किया। मामले की सुनवाई चल रही थी। परिवाद पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रथम दृष्टया अपराध होना पाया है। कोर्ट ने दर्री थानेदार को सिपाही और हवलदार के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354 (घ), 341, 294/34 केस दर्जकर जांच का आदेश दिया है। कोर्ट का आदेश दर्री थाना पहुंच गया है।

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आदेश में कोर्ट ने पुलिस को केस दर्जकर जांच करते हुए 29 नवंबर तक क्लोजर रिपोर्ट दायर करने के लिए कहा है। पुलिस का कहना है हवलदार और सिपाही के खिलाफ जल्द केस दर्जकर विवेचना में लिया जाएगा। हवलदार एनटीपीपी के कृष्णा विहार स्थित कॉलोनी में रहता है। सिपाही दूसरे स्थान पर रहता है। घटना भी लगभग एक साल पहले एनटीपीसी की कृष्णा विहार कॉलोनी में हुई थी।