
जमीन बंटवारे को लेकर संतुष्ट नहीं था दामाद, इसलिए कर दी थी सास की हत्या
कोरबा. हत्या के करीब नौ माह पुराने मामले में कटघोरा के कोर्ट ने दोषी को सश्रम आजीवन करावास की सजा दी है। सुनवाई के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए सजा में उदारता बरतने की मांग को खारिज कर दिया है। अभियोजन के अधिवक्ता ने बताया कि कटघोरा की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने मंगल सिंह कोरवा उम्र ३५ साल को उम्रकैद की सजा दी है। मंगल विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के गांव कोनकोना छिबरीपारा का निवासी है।
दो-तीन मार्च की दरम्यानी रात रामबाई घर के आंगन चटाई बिछाकर बैठी थी। परिवार के अन्य सदस्य कमरे में सोने चले गए थे। रात करीब तीन बजे आंगन से आ रही आवाज को सुनकर रामबाई की बहन मनकुंवर, उसके पति देवशरण और रामबाई के पुत्र राजकुमार की नींद खुली। घर से बाहर निकले। देखा कि मंगल सिंह टांगी लेकर आंगन से भाग रहा है। परिवार के सदस्य आंगन में पहुंची। खून से लथपथ रामबाई की लाश पड़ी थी। मृत महिला के पुत्र राजकुमार ने घटना की सूचना बांगो थाना को दी थी।
पुलिस हत्या का केस दर्ज कर जांच कर रही थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में मंगल सिंह को गिरफ्तार किया था। हत्या का कारण जमीन विवाद होना बताया गया था। पुलिस को पता चला था कि रामबाई के पति ने दो विवाह किया था।
दूसरी पत्नी मन बाई की पुत्री से मंगल सिंह की शादी हुई थी। जमीन के बंटवारे को लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था। मंगल सिंह बंटवारे में मिले हिस्से से खुशी नहीं था। वह अक्सर रामबाई से झगड़ा करता था। जमीन विवाद मंगल सिंह ने हत्या की बात पुलिस के समक्ष स्वीकार की थी। मामले की सुनवाई कटघोरा के अपर सत्र न्यायालय में चल रही थी। न्यायाधीश थामस एक्का की कोर्ट ने गवाह और घटना स्थल से एकत्र किए सबूत के आधार पर मंगल सिंह को रामबाई की हत्या का दोषी माना। उसे सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए तीन हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।
Published on:
02 Dec 2018 08:44 pm
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