
कोरबा . रविवार को जिला व तहसील स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालतों में बड़ी संख्या में लोगों ने अपने-अपने मामले निराकृत कराने के लिए पहुंचे। इस अदालत की तैयारी पहले से चल रही थी और संबंधित पक्षों को भी काफी पहले बता दिया गया था।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा जिला एवं तहसील स्तर पर रविवार को सभी मामलों से संबंधित नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
जिला एवं सत्रा न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा न्यायाधीश राकेश बिहारी घोर के आतिथ्य में एवं विशिष्ठ अतिथि बीके शुक्ला सदस्य छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद् बिलासपुर, पीके अग्रवाल वरिष्ठ अधिवक्ता कोरबा एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों के द्वारा दीप प्रज्जवलन कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में नेशनल लोक अदालत के सभी पीठासीन अधिकारी एवं सुलहकर्ता सदस्य, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं एवं न्यायालयीन कर्मचारी उपस्थित हुये।
नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित राजीनामा योग्य 144 प्रकरणों का निराकरण गया। प्रीÓलिटिगेशन के मात्रा 03 प्रकरण निराकृत हुये। परिवार न्यायालय कोरबा द्वारा 09 प्रकरणों का निराकरण किया गया। मोटर दावा दुर्घटना अधिनियम के कुल 9 प्रकरण निराकृत किये गये जिसमें राशि रू. 24,28,000/- का अवार्ड पारित किया गया। पक्षकारों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुये न्यायालय के मुख्य गेट पर पूछताछ केन्द्र (हेल्प डेस्क) बनाया गया था।
न्यायालय परिसर में सभी संबंधित विभाग विद्युत, नगर निगम एवं प्रमुख बैंकों के द्वारा स्टॉल लगाये गये थे। कोरबा जिले में कुल 15 खण्डपीठ का गठन किया गया था। कोरबा के लायनेंस क्लब आफ कोरबा एवं कपिलेश्वर महिला मंडल के संयुक्त तत्वाधान में ग्रामीण अंचल से आये हुये पक्षकारों के लिये स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई थी। जिसमें लायनेस अध्यक्ष सुमन सोनी, पूर्व डि. सी.ई.ओ. भगवती अग्रवाल, कपिलेश्वर महिला मंडल की संरक्षिका सुझा झा, महिला मंडल की अध्यक्ष, सुनीता तिवारी एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहें।
Updated on:
23 Apr 2018 11:03 am
Published on:
23 Apr 2018 11:03 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
