
Diwali Festival 2019: मिट्टी के दीये बेचने वालों से नहीं लिया जायेगा कोई टैक्स, कलेक्टर ने अधिकारियों से ये भी कहा...
कोरबा. दीवाली त्यौहार के दौरान स्थानीय कुम्हारों के बनाए दीयों की बिक्री को प्रोत्साहित कर कुम्हारों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के उद्देश्य से कलेक्टर किरण कौशल ने सभी नगर पालिक निगमों, पालिका परिषदों, नगर पंचायतों के साथ-साथ जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं। मिट्टी के दीये बेचने बाजारों में आने वाले ग्रामीण कुम्हारों को किसी प्रकार का बाजार कर या दुकान कर नहीं देना होगा। उन्हें बाजार संचालन करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों या समितियों द्वारा सीधे नजर आने वाली खुली और आगे की जगहों पर दीयों की दुकान लगाने के लिये प्राथमिकता दी जायेगी। इसके साथ ही सभी पटाखा दुकानों के पास हथकरघा से बने वस्तुओं और मिट्टी के दीयों की बिक्री के लिये भी अलग से स्थान रखा जाएगा।
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इस संबंध में कलेक्टर ने बताया है कि दिवाली के त्यौहार पर बाजारों में कई प्रकार के दीये और लाईट झालर आदि की बिक्री होती है। देखने में आकर्षक परन्तु पर्यावरणीय दृष्टि से हानिकारक पदार्थों जैसे प्लास्टर ऑफ पैरिस आदि से बने दीयों और अन्य सजावटी वस्तुओं का विक्रय प्रतिबंधित किया गया है।
उन्होंने कहा है कि स्थानीय कुम्हारों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने, पर्यावरण को नुकसान होने से बचाने के लिये सरकार की मंशानुसार ही मिट्टी के बने दीयों की बिक्री को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है और इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा नगरीय प्रशासनों की मदद से जरूरी कदम उठाया जा रहा है। ग्रामीण कुम्हारों को बाजारों में सुविधाएं मिले, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है ताकि वे मिट्टी के दीये अधिक से अधिक संख्या में बेच सकें।
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Published on:
19 Oct 2019 01:44 pm

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