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विपक्षी पार्षदों ने उपेक्षा का लगाया आरोप कहा पिछले 15 सालों में निगम का सबसे बुरा समय

विपक्षी पार्षदों ने निगम प्रशासन व सत्त पक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 10 Mar 2018, 11:50 AM IST

Nagar nigam korba

विपक्षी पार्षदों ने निगम प्रशासन व सत्त पक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

कोरबा . विपक्षी पार्षदों ने निगम प्रशासन व सत्त पक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्षी पार्षदों ने अनदेखी और मूलभूत सुविधाओं के निराकरण में उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए मांगों को पूरा करने के लिए निगम आयुक्त रनबीर शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया है।


विपक्षी पार्षदों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि दुर्भाग्यवश निगम की व्यवस्था कुंभकरणीय नींद से नहीं जाग रही है। आरोप यह भी है कि विपक्षी पार्षदों के ज्ञापन को गंभीरता से नहीं लिया जाता। इसलिए इस असहयोगात्मक रवैये से के खिलाफ संपूर्ण विपक्ष के पार्षदों ने अंतिम ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। अब यदि इस दिशा में कोर्ठ ठोस प्रयास नहीं किया गया तो संपूर्ण विपक्ष के पार्षदों द्वारा 14 मार्च को साकेत भवन का घेराव किया जाएगा। इस दौरान बीजेपी के पार्षद हितानंद सहित निर्दलीय पार्षद शिव अग्रवाल, अमरनाथ अग्रवाल, महेन्द्र सिंह चौहान, संतोष राय आदि मौजूद थे।


दरअसल पिछले कुछ दिनों से विपक्षी पार्षद हर दिन दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक नियमित तौर पर जनता की समस्या सुनने के लिए सकेत भवन में बैठते हैं। इसी दौरान कई योजनाएं भी बन रही हैं। निगम की सत्ता पर काबिज कांग्रेस को मात देने के लिए सभी विपक्षी पार्षद एकजुट हो चुके हैं।

बताया अब तक सबसे खराब कार्यकाल
विपक्षी पार्षदों ने निगम की वर्तमान स्थिति पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह निगम का अब तक का सबसे खराब कार्यकाल है। नाली सफाई और सामान्य मरम्मत जैसे छोटे-मोटे कार्य तक नहीं हो पा रहे हैं। टेंडर पूरा होने के बाद भी पार्षदो की पार्टी देखकर उनका वर्कऑर्डर जारी किया जा रहा है। यह बेहद खराब सयम है। जनता भी परेशान है।

इन मुद्दों पर रही जबरदस्त चर्चा
-नाली जैसे मूलभूत कार्य नहीं करके राशि का दुरूपयोग किया जाना
-दिखावटी कार्य करने के लिए अच्छी-खासी सड़कों का दोबारा डामरीकरण
-दीवारों पर प्रदर्शनी लगाने के नाम पर अनाप-शनाप पैसे खर्च करना
-स्टेडियम में बिना उपयोग के 10 से 15 करोड़ खर्च करना
-सफाई का कार्य निगम के इंजीनियरों को सौंपना
-निगम में कमिशन के नाम पर व्याप्त भ्रष्टाचार
-कुत्तों की नसबंदी के बाद इनकी तादात में इजाफा होना

अब ऐसे समझें निगम का गणित
शुक्रवार को ही कांग्रेस के एक पार्षद ने कांग्रेस से समर्थन वापस लिया। जिससे अब निगम में कांग्रेसी पार्षदों की संख्या 35 हो गई है। बीजेपी के वर्तमान में 21 पार्षद निगम में हैं। जबकि अन्य व निर्दलियों की संख्या 10 है। इसलिए विपक्ष की संख्या कुल मिलकार 31 हो गई है। विपक्षी पार्षद पार्टी की दलगत राजनिती से उपर उठकर निगम में एकजुट हो गए हैं। विपक्ष व पक्ष के बीच अब केवल चार पार्षदों का अंतर है। विपक्षियों का दावा है। जल्द ही कुछ और पार्षद भी कांग्रेस का दामन छोड़ सकते हैं।

वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो रहा
सफाई जैसे मूलभूत काम नहीं हो रहे हैं। जहां टेंडर हो चुका उनका वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो रहा है। इससे सभी विपक्ष के पार्षद व्यथित हैं। कुत्तों की नसबंदी के बाद हर वार्ड में इनकी संख्या और बढ़ गई है। सभी मुद्दों को लेकर 14 को निगम का घेरवा करेंगे।
-योगेश जैन, नेता प्रतिपक्ष नपानि

विपक्ष के सभी पार्षदों में बेहद आक्रोश

निगम में विपक्षी पार्षदों की लगातार उपेक्षा हो रही है। ज्ञापन सौंपने के बावजूद उसपर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। इससे विपक्ष के सभी पार्षदों में बेहद आक्रोश है। सभी ने मिलकर साकेत भवन का घेराव करने की योजना बनाई है।
-शिव अग्रवाल, विपक्षी पार्षद नपानि