
टॉपिक ऑफ द डे
कोरबा . पत्रिका डॉटकाम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में मंगलवार को शहर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल उपाध्याय शामिल हुए। उन्होंने बच्चों की देखभाल और शिक्षा से जुड़े कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा करते हुए कहा कि बीमारियों से बचाव ही सबसे बेहतर उपचार है। अगर बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पहले से ही अभिभावक संवेदनशील व जागरूक रहें तो गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। इसलिए मौसमी बीमारियों में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कुछ अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
ऊर्जाधानी में बढ़ रहे प्रदूषण का आम जनजीवन पर विपरीत असर पड़ रहा है लेकिन इससे बच्चों का स्वास्थ्य कुछ ज्यादा ही प्रभावित हो रहा है। डॉ.उपाध्याय ने इसके लिए मास्क के उपयोग, कोयला जलाने बचने और कचरा इधर-उधर न फेंकने पर जोर दिया। उन्होंने एक खतरनाक संकेत के रूप में स्मार्ट फोंस और गैजेट्स के रेडियेशन को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि आज कल इन स्मार्ट फोंस और गैजेट्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है जबकि इनके रेडियेशन से कई प्रकार की बीमारियां पैदा हो रही हैं,इसलिए इनके इस्तेमाल को भी आवश्यकता के अनुसार करना चाहिए।
ऊर्जाधान में खुले प्ले व नर्सरी स्कूलों में दी जा रही बच्चों की शिक्षा से जुड़े सवाल पर कृष्णा हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ.उपाध्याय ने कहा कि कुछ बेहतर शिक्षा दे रहे हैं जबकि कुछ कम। उन्होंने कहा कि इनमें खेलकूद व मनोरंजन तरीके से बच्चों को शुरुआती शिक्षा देनी चाहिए ताकि बच्चों का बचपना बना रहे। उनकी खुशी, तन्मयता और सीखने की ललक पर किसी प्रकार की आंच नहीं आने देनी चाहिए। कम उम्र के बच्चों को किताबी कीड़ा न बनाकर उन्हें खेल-खेल में शिक्षा देनी चाहिए। अगर शरारत करने पर उन्हें डांटना भी पड़े तो दुष्परिणाम बताते हुए समझाइश दें।
Published on:
30 Jan 2018 01:03 pm
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