
बरतुंगा, अंजनी हिल, कल्याणी और बीरसिंह पुर खदानों को एमडीओ मोड पर चलाने की योजना
एमडीओ मोड पर संचालित करने के लिए जिन चार कोयला खदानों को चिन्हित किया गया है उसमें चिरमिरी एरिया के अधीन स्थित बरतुंगा हिल, अंजन हिल, भटगांव एरिया से संचालित कल्याणी और जोहिला एरिया की बीर सिंहपुर खदान है। बताया जाता है कि अलग अलग कारण से कंपनी ने चारों कोयला खदानों को बंद कर दिया है। अब इसे दोबारा एमडीओ मोड पर चालू करने की योजना है। निजी कंपनियां तकनीक लेकर कोयला खोदने आएंगी। इनके द्वारा किए निकाले गए कोयले को एसईसीएल खरीदेगी।
एसईसीएल की ओर से बताया गया है कि कोयला मंत्रालय के तत्वावधान में एमडीओ मोड, रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर चिन्हित खदानों में एसईसीएल की चार माइंस चिन्हिंत है। इसमें प्राइवेट प्लेयर्स के ज़रिए कोयला खनन के लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सीएमपीडीआईएल के अनुसार कम से कम 30 मिलियन टन उच्च क्वालिटी का नॉन कोकिंग कोयले का भंडार यहां मौजदू है। ये खदानें केवल 6-12 वर्ष पहले ही रोकी गई थी। एसईसीएल को अनुमान है कि इन खदानों से प्राइवेट प्लेयर आसानी से कोयला खनन कर सकते हैं।
आयात घटाने में मिलेगी मदद
उम्मीद है कि इस प्रयास से कोयले की उपलब्धता बढ़ाने तथा आया्रत घटाने में मदद मिलेगी। इससे विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।
एसईसीएल की चार खदानों समेत कुल 20 खदानों के लिए टेंडर किया गया है। यहां कोयला खुदाई के लिए निजी कंपनियों को रेवन्यू प्रॉफिट शेयर मॉडल पर काम सौंपा जाएगा। अभी आवंटित की जा रही खदानों का चयन जियोलॉजिकल रिजर्व के नजरिए से किया गया है। निजी कंपनियां एसईसीएल की बंद खदानों में निवेश करके कोयला निकालेंगी। इस कोयले की खरीदी एसईसीएल की ओर से की जाएगी।
Published on:
06 Jun 2022 01:33 pm
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