झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की मौत का मामला सामने आया है। गांव में रहने वाले भानू प्रताप ओट्टी की तबीयत तीन नवंबर हो खराब हो गई। उसके पेट में तेज दर्द हुआ। अस्पताल जाने के बजाए भानूप्रताप ने गांव में घूम- घूमकर इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर करण कुमार से सम्पर्क किया। करण कुमार गुरुद्वारी में रहने वाले भगवान सिंह के घर पहुंचा। इलाज के लिए भानूप्रताप को बुलाया। मरीज भानूप्रताप को चार इंजेक्शन लगाया। एक इंजेक्शन बांह में, दो कमर में और चौथा इंजेक्शन मरीज के पेट में लगा दिया। ठीक होने के बजाए भानूप्रताप की बीमारी बढ़ गई। वह दर्द से परेशान हो गया।