
RTE Admission 2026: आरटीई के तहत ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 16 फरवरी से 31 मार्च तक कर सकते है आवेदन(photo-patrika)
RTE Admission 2025: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में निजी स्कूलों में नि:शुल्क पढ़ाई के लिए 1712 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। जिले में सीटों की संख्या 1901 है। लेकिन 189 नामांकन पर चयन की प्रक्रिया पूरी तरह से नहीं हो पाई है। जबकि 4373 विद्यार्थी प्रवेश से वंचित हो गए हैं। इसे लेकर अभिभावक परेशान हैं।
नि:शुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में गरीब परिवार के बच्चों को प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। बताया जा रहा है कि जिले में लगभग 300 निजी स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में नर्सरी, केजी-1, केजी-2, कक्षा पहली सहित अन्य कक्षाओं में आरटीई के तहत लगभग 1901 सीट निर्धारित किए गए हैं।
प्रथम चरण में इन सीटों में प्रवेश के लिए गरीब परिवार के अभिभावकों ने बड़ी संया में बच्चों का आरटीई पोर्टल पर पंजीयन कराया था। आवेदन प्रिंटआउट कॉपी अभिभावकों ने संबंधित स्कूल क्षेत्र के नोडल अधिकारियों के समक्ष जमा किया था। जिसे नोडल अधिकारियों ने दस्तावेजों का सत्यापन किया। इसमें 6085 बच्चे के आवेदनों का पात्र किया गया।
इन पात्र आवेदनों के आधार पर चयन की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान पहले चरण में 1712 विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए चयन किया गया है। अभिभावकों ने जिन स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर पंजीयन किया और जिन स्कूलों की सूची में बच्चों का नाम चयनित हुआ है। उनका दाखिला करना होगा। दाखिला की प्रक्रिया बुधवार से प्रारंभ हो गई।
विद्यार्थियों के दाखिला की प्रक्रिया 30 मई तक पूरी करनी होगी। निर्धारित अवधि के भीतर दाखिला की प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर सीट रिक्त हो जाएगा और इसके बाद द्वितीय चरण में पंजीयन करने वाले विद्यार्थियों को मौका मिलेगा। इधर आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रवेश के लिए पंजीयन की तिथि भी समाप्त हो गई है। इससे आरटीई के पंजीयन छात्र-छात्राओं को आत्मानंद में प्रवेश की उमीदें भी नहीं रही। इसे लेकर अभिभावकाें की चिंता बढ़ गई है।
आरटीई के तहत निजी स्कूलाें में नि:शुल्क शिक्षा के तहत पंजीयन करने के बाद भी विद्यार्थियों के चयन नहीं होने से अभिभावकों की उम्मीदें टूट गई है। अब उन्हें रुपए देकर निजी स्कूल में प्रवेश कराना होगा। लेकिन अधिकांश अभिभावक निजी स्कूलों में महंगी फीस देकर प्रवेश कराने में सक्षम नहीं है।
इसकी वजह से इन अभिभावकों के समक्ष अब सरकारी स्कूल में ही बच्चों को प्रवेश कराना अंतिम विकल्क बचा हुआ है। इधर आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों म्रें भी प्रवेश की प्रकिय्रा पूरी हो गई। लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन जारी है।
इधर स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रवेश के लिए लॉटरी की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई। प्रबंधनों को 10 मई तक के भीतर लॉटरी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। हालांकि लॉटरी उन्हीं स्कूलों में निकाली जाएगी, जहां निर्धारित सीट से अधिक पंजीयन हुए हैं। यह प्रक्रिया पंप हाउस स्कूल, जमनीपाली, कुसमुंडा सहित अन्य स्कूल शामिल है। दरअसल इन्ही स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर 10 तक की कक्षा में प्रवेश को लेकर मारामारी है।
Published on:
10 May 2025 01:23 pm
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