
कोरबा . नियमों का कड़ाई से अगर पालन किया जाए तो किसी भी प्रकार से खदान में हादसें नहीं होंगे। अक्सर हादसों में यह बात सामने आती है कि कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरती जाती है। इसलिए जरूरी है कि पूरे नियमों को ध्यान में रखकर काम करें। अगर कामकाज में कहीं कोई दिक्कतें आ रही हैं तो उच्चअधिकारियों से चर्चा करें।
ये बातें महानिदेशक खान सुरक्षा, धनबाद पीके सरकार ने खान सुरक्षा महानिदेशालय जबलपुर, बिलासपुर , रायगढ़ क्षेत्र व साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड व निजी क्षेत्र के कोयला संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित वार्षिक खान सुरक्षा पखवाड़े के समापन अवसर पर कही। समापन अवसर पर एसईसीएल बिलासपुर के सीएमडी बी आर रेडड्ी, उपमहानिदेशक खान सुरक्षा साउथ ईस्टर्न जोन रांची ए के सिन्हा, उपमहानिदेशक खान सुरक्षा कार्यवाहक वेस्टर्न जोन नागपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।
कुसमुंडा आदर्शनगर के इंदिरा स्टेडियम में आयोजित सुरक्षा पखवाड़े के कोरबा जोन के सभी खदानों के अधिकारी भी शामिल हुए। पखवाड़े में खदानों में पिछले कुछ माह में हुए हादसे उनकी वजह और उसे रोकने के लिए होने वाले उपायों पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि खदान में हादसे किसी न किसी चूक से जरूर होती है।
समापन समारोह में एसईसीएल बिलासपुर के वित्त निदेशक एपी पण्डा, निदेशक कार्मिक डॉ आरएस झा, निदेशक तकनीकी संचालन कुलदीप प्रसाद, महाप्रबंधक राकेश कुमार, निदेशक खान सुरक्षा, एस अंसारी निदेशक रायगढ़ क्षेत्र, खान सुरक्षा जबलपुर केवी कलुंंिडया, यूके सिंह महाप्रबंधक कुसमुंडा क्षेत्र सहित अन्य शामिल हुए।
नए माइंस एक्ट के बाद खदान प्रबंधनोंं की जिम्मेदारी बढ़ी
पत्रकारों से चर्चा के दौरान महानिदेशक खान सुरक्षा, धनबाद पीके सरकार ने कहा कि नए माइंस एक्स के आने के बाद अब खदान प्रबंधकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। पहले हर चीजों के लिए डीजीएमएस से अनुमति लेनी पड़ती थी। लेकिन अब प्रबंधन को अनुमति नहीं लेनी पड़ेगी। हालांकि हमारा भी दायित्व रहेगा कि समय-समय पर निरीक्षण कर सुरक्षा मापदंडो का जायजा ले। इसी तरह सरकार ने कहा कि कर्मचारी जागरूक हो रहे हैं इसलिए हादसों में कमी आ रही है।
Published on:
09 Apr 2018 10:45 am
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