Korba नीलामी की प्रक्रिया शनिवार को तहसील कार्यालय कोरबा के सभागार में संपन्न हुई। साईं प्रसाद की संपति को खरीदने के लिए पांच लोगों ने बोली लगाई। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद फूड्स लिमिटेड की कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर में विजया टॉकिज के पास पटवारी हल्का नंबर 16 के अंतर्गत खसरा नं. 188/1/क/1 भूखंड क्रमांक 177 पर दो मंजिला भवन है। जमीन 40 बाई 60 कुल दो हजार 400 वर्गफुट में फैली हुई है। पूरी संपत्ति की नीलामी शनिवार को की गई। संपत्ति की ऑफसेट कीमत सरकारी दर पर एक करोड़ 33 लाख 91 हजार 355 रुपए निर्धारित की गई थी।
नीलामी में शामिल होने के लिए पांच लोगों ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुरक्षा निधि जमा की थी। नीलामी ऑफसेट कीमत से शुरू हुई। एक एककर सभी बोली दाताओं ने नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लिया। सबसे अधिक बोली जय सोनी ने लगाई। एक करोड़ 58 लाख रुपए में जय ने संपति को प्राप्त किया।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद संपति प्रशासन की ओर से जय सोनी को हस्तानांतरित की जाएगी। नीलामी के दौरान कोरबा एसडीएम के अलावा कोरबा तहसीलदार और जिला कोषालय अधिकारी के अलावा अन्य प्रशासन अधिकारी उपस्थित थे।
– कलेक्टर ने किया था कुर्क
निवेशकों से ठगी के आरोप में कोरबा कलेक्टर ने साईं प्रसाद की संपति को कुर्क किया था। इसकी नीलामी की कार्रवाई शनिवार को पूरी की गई। दो अन्य चिटफंड कंपनियों की संपति भी कोरबा चिन्हित की गई है। इसकी नीलामी के लिए भी कार्रवाई चल रही है।
– ३२ हजार निवेशकों से लगभग १०० करोड़ रुपए की ठगी का अनुमान
कोरबा और जांजीगर जिले में रहने वाले लगभग ३२ हजार निवेशकों से १०० करोड़ रुपए की ठगी का अनुमान लगाया गया है। यह अनुमान प्रशासन के पास उपलब्ध ठगे गए हितग्राहियों की दस्तावेज के आधार पर लगाया गया है। हालांकि ठगे गए राशि की तुलना में कोरबा में साईं प्रसाद की संपति बेहद कम है। नीलामी की राशि से ठगे गए निवेशकों की भरपाई कर पाना प्रशासन के लिए संभव नहीं है।
सरकार से मार्गदर्शन लेगा प्रशासन
ठगी की राशि अधिक होने और नीलामी से प्राप्त धन कम होने से प्रशासन के लिए निवेशकों की भरपाई करना संभव है। इस स्थिति में प्रशासन की ओर से प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर मार्गदशर्न मांगने की बात कही जा रही है। इसके बाद ही नीलामी से प्राप्त राशि के संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा।