कोरबा. एसईसीएल की खदानों से कोयला खनन में आ रही कमी का मामला दिल्ली तक पहुंच गया है। उत्पादन में आ रही गिरावट का कारण जानने बुधवार को केन्द्रीय कोयला सचिव अनिल कुमार जैन दो दिवसीय प्रवास पर गेवरा पहुंचे। उन्होंने गेवरा हॉउस में एसईसीएल सीएमडी की उपस्थिति में 13 एरिया के महाप्रबंधक के साथ बैठक की। इसमें कोयला उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।
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बुधवार दोपहर लगभग 12.30 बजे केन्द्रीय कोयला सचिव अनिल कुमार जैन, एसईसीएल सीएमडी एपी पंडा सहित अन्य अधिकारी गेवरा पहुंचे। कोयला सचिव ने व्यू प्वाइंट से दीपका खदान का निरीक्षण किया। कोयला खनन का तरीका देखा। खदान में चलने वाली डोजर डंपर सहित अन्य मशीनों के बारे में जानकारी लिया। कोयले की सेंपलिंग का तरीका भी जाना। इसके बाद गेवरा खदान का निरीक्षण किया। शाम को गेवरा हाउस में कोयला सचिव जैन ने एसईसीएल सीएमडी एपी पंडा की उपस्थिति में सभी एरिया के महाप्रबंधक के साथ चर्चा की। कोयला खनन के लक्ष्य और अभी तक किए गए खनन के बारे में जाना। कोयला उत्पादन में आ रही कमी पर नाराजी जताई। उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा। बैठक में कोल इंडिया के डीटी विनय दयाल, टीएस चेयरमैन एनके प्रसाद, एसईसीएल के डीपी डॉ. आरएस झा, डीटी आरके निगम, चीफ विजिलेंस ऑफिसर बीपी शर्मा, गेवरा एरिया के जीएम पी पाल, दीपका के जीएम बालकृष्ण चंदोरा और कुसमुंडा जीएम के अलावा कोरबा, रायगढ़, हसदेव, जोहिला, सोगापुर, चिरमिरी सहित अन्य एरिया के जीएम उपस्थित थे।