
कोरबा . दो साल पहले जाली डिलेवरी आर्डर दिखाकर हुंडई शो रूम से कार ठगी करने वाले शातिर ठग वैभव सिंह को कोर्ट ने पांच साल कठोर कारावास की सजा दी है। इसके सहयोगी को भी कोर्ट ने 11 माह की सजा सुनाया है।
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने हरियाणा फरीदाबाद के शातिर ठग वैभव सिंह चौहान को पांच साल की कठोर करावास दी है। उसके सहयोगी रंजीत सिंह को ११ माह साधारण करावास में रखने का आदेश दिया है।
घटना 02 जनवरी, 2016 की है। वैभव कोरबा पहुंचा था। उसने कम्प्यूटर और मतदाता परिचय पत्र के आधार से फर्जी दस्तावेज तैयार किया था। एक बैंक को जाली डिलेवरी आर्डर तैयार किया था। इसे सीतामणी मार्ग पर स्थित हुंडई की शो रूम में दिखाया था। यहां से एक लिया था। शो रूम के मालिक ने डिलेवरी आर्डर को असली समझकर कार वैभव को सौंप दिया था।
घटना के दो-तीन दिन बाद डिलेवरी आर्डर फर्जी पाया गया था। शो रूम के संचालक ने धोखाधड़ी की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी। वैभव को साइबर सेल की मदद से फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ कोरबा के न्यायालय में सुनवाई चल रही थी।
चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट उर्मिला गुप्ता की कोर्ट ने वैभव को जाली दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी का दोषी माना। उसे पांच साल कठोर कैद में रखने की सजा दी। कोर्ट ने आईपीसी की धारा ४१९ में साल, 420 में पांच साल, ४६७ में पांच साल और ४७१ में पांच साल की सजा दी है। सभी सजाएं एक साथ चलेगी। इसके अलावा ठग वैभव पर कोर्ट ने चार हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके सहयोगी रंजीत सिंह को कोर्ट ने सबूत नष्ट करने का दोषी पाया है। उसे ११ माह साधारण कारावास की सजा दी है। रंजीत ने ठगी की कार को काट दिया था। उसके पाट्र्स को अलग-अलग करके बेच दिया था।
Published on:
18 Jan 2018 08:09 pm
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