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ब्रेकिंग- करतला के जंगल में हाथी ने ली एक और युवक की जान, खेत देखने था गया

कोरबा वनमण्डल के कुदमुरा वन परिक्षेत्र में खेत देखने को गए थान सिंह राठिया उम्र 43 वर्ष पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया।

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कोरबा वनमण्डल के कुदमुरा वन परिक्षेत्र

कोरबा वनमण्डल के कुदमुरा वन परिक्षेत्र में खेत देखने को गए थान सिंह राठिया उम्र 43 वर्ष पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया।

करतला. कोरबा वनमण्डल के कुदमुरा वन परिक्षेत्र में खेत देखने को गए थान सिंह राठिया उम्र 43 वर्ष पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया। हाथी के हमले से थान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना वन विभाग को दे दिया गया है।

घटना शुकवार की सुबह आठ बजे की है। करतला थाना क्षेत्र के ग्राम चचिया निवासी थान सिंह राठिया (43) शुकवार को अपने खेत देखने बडख़ा मुड़ा गया हुआ था।

घर आते करते समय जंगली हाथी ने उस पर हमला बोल दिया। हाथी द्वारा लगातार वार करने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उधर जब वह काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो घर वालों को चिन्ता हुई और वह उसे खोजने के लिए जंगल की ओर निकल पड़े जंगल के बीच में वह मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। यह खबर होते ही चचिया में कोहराम मच गया।


उल्लेखनीय है कि पिछले एक सप्ताह से वनांचल क्षेत्र में 22 हाथी डेरा डाले हुए हैं । मंगलवार की रात्रि कोरबा वनमंडल के कुदमुरा रेंज के अमलडीहा में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया था और गांव वालों को जैसे ही हाथियों के आने की खबर मिली तो वहां अफरातफरी का माहौल बन गया था और यह दहशत अभी खत्म नहीं हुई है।

परेशान ग्रामीणों ने बताया कि उस दिन बस्ती से बाहर एक जगह सब लोग जमा हो गए थे और उधर अंदर हाथी घरों को तोड़ते रहे। 9 घरों तो अधिक नुकसान पहुंचा है, तो वहीं 4 को आंशिक क्षति आई है। इससे पहले भी हाथियों का झुंड इस गांव से लगे खेतों से होकर गुजर गया था। लेकिन इस बार अचानक हाथियों के आने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गया है।

घरों में रखे चावल शराब की गंध से पहुंचे- वन विभाग के मुताबिक अमलडीहा की इस बस्ती के अधिकांश घरों में चावल शराब बनाकर रखा गया था। इसकी गंध से हाथी बस्ती तक पहुंच गए।

वन विभाग द्वारा गांव में महुआ शराब को लेकर कई बार चेतावनी दी गई है, उसके बाद भी ग्रामीण इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।


आने वाले दिनों मेंं धान रखने को लेकर पशोपेश- आने वाले दिनों में फसल कटाई शुरू होनेे वाली है। हर बार फसल कटाई के बाद इसे सुरक्षित जगह में रखने को लेकर किसानों के सामने बड़ी चुनौती होती है। वन विभाग इसके लिए कोई उपाय नहीं कर सका है। इसे खाने के लिए हाथी गांव तक पहुंचते हैं। धान के साथ-साथ जानमाल का भी खतरा इस अवधि में बढ़ जाता है।