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इसका खुलासा रेलवे सुरक्षा बल की पकड़ में आए एक गिरोह ने किया है। गिरोह ने कोरबा रेलवे स्टेशन के इलेक्ट्रिक लोको शेड में खड़ी एक इंजन से एक ही रात में एक हजार लीटर डीजल चोरी करना स्वीकार किया है।
उक्त डीजल 30 जेरीकेन में चोरी किया गया था। इसकी कीमत लगभग 84 हजार रुपए बताई गई है। सुरक्षा बल ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक डीजल का खरीदार है। गिरोह के तीन अन्य सदस्य फरार हैं। इसकी तलाश पुलिस कर रही है।
रेलवे सुरक्षा बल के कोरबा पोस्ट के प्रभारी इंस्पेक्टर कुंदन कुमार झा ने बताया कि दो दिन पहले कोरबा इलेक्ट्रिक शेड में रेल इंजन एरावत को खड़ा किया गया था। इंजन की फ्यूल टैंक से डीजल चोरी होने की पुष्टि हुई थी। केस दर्जकर जांच की जा रही थी।
सूचना पर सीतामणी गौमाता चौक के करीब एक जाइलो को रोककर जांच किया गया। इसमें 10 जेरीकेन डीजल होना पाया गया। कार में बैठे वासु दास और सुमीत सिंह ने पूछताछ की गई। दोनों ने इलेक्ट्रिक शेड में खड़ी रेल इंजन से 30 जेरीकेन में डीजल चोरी करना स्वीकार किया। गिरोह ने पांच जेरीकेन डीजल ११ हजार रुपए में बलगी निवासी रवि अग्रवाल को बेचना बताया।
शेष 25 जेरीकेन डीजल को आपस में बांटना स्वीकार किया। चोरी में शामिल वासु और सुमित ने आयुष टंडन, आकाश दास और राजकुमार उर्फ दादू का नाम भी बताया। सुरक्षा ने चोरी में शामिल अन्य लोगों की पतासाजी की। लेकिन आरोपी नहीं मिले। सुरक्षा बल ने घेराबंदी करके बलगी से रवि को पकड़ लिया। चोरों के खिलाफ रेलवे की संपति की चोरी का केस दर्ज किया गया है। चोरी में शामिल आयुष, आकाश और दादू फरार है। पकड़ा गया आरोपी बासु दास साडा कॉलोनी जमनीपाली का निवासी है। जबकि रवि बलगी में रहता है।
Published on:
31 Dec 2021 12:35 pm
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