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बैंक से धोखाधड़ी : महामाया ज्वेलर्स के संचालक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार…

Fraud Case: बैंक से धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने तीन आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक सराफा व्यापारी भी शामिल है। एक आरोपी अभी फरार है।

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बैंक से धोखाधड़ी : महामाया ज्वेलर्स के संचालक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार...

बैंक से धोखाधड़ी : महामाया ज्वेलर्स के संचालक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार...

कोरबा. नकली सोना को असली बताकर बैंक से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। धोखाधड़ी की यह घटना इंडियन ओवरसीज बैंक के निहारिका स्थित शाखा के साथ हुई है। पुलिस ने बताया कि बैंक ने गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहक के सोने की शुद्धता की जांच के लिए निहारिका स्थित महामाया ज्वेलर्स के संचालक अनूप मजूमदार के साथ अनुबंध किया था। 24 जुलाई, 2017 से 19 सितंबर, 2017 तक सोना गिरवी रखकर तीन लोगों ने बैंक से लोन प्राप्त किया।

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इसमें बालकोनगर रुमगरा निवासी श्यामलेंदू मृधा उम्र 48 साल, रामपुर पोड़ीबहार निवासी श्यामल दास 34 और सुलता दास 30 शामिल थे। तीनों ने बैंक से 14 लाख 39 हजार रुपए लोन लिया। उनके द्वारा लोन लेने से पहले बैंक में सोना गिरवी रखा गया था। सोने के शुद्धता की जांच अनूप मजूमदार ने की थी। तीनों लोन की राशि बैंक को नहीं लौटा रहे थे। इस पर बैंक ने कानूनी कार्रवाई चालू की।

गिरवी रखे गए सोने के नीलामी की प्रक्रिया शुरू की। श्यामलेंदू, श्यामल दास और सुलता दास द्वारा गिरवी रखे गए सोने के शुद्धता की जांच बैंक एक अन्य मूल्यांकनकर्ता मुरारी लाल से कराया। मुरारी ने बैंक में गिरवी रखे गए तीनों के सोने को नकली बताया। यह जानकर बैंक के कर्मचारी हैरान हो गए।
इसकी सूचना बैंक के शाखा प्रबंधक को दी गई। ठगी की घटना से बैंक के क्षेत्रीय मुख्यालय रायपुर को भी अवगत कराया गया। ठगों के खिलाफ बैंक प्रबंधन की ओर से रामपुर चौकी में शिकायत की गई थी। लगभग पांच माह से रामपुर पुलिस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में महामाया ज्वेलर्स के संचालक अनूप मजूमदार, नकली सोना गिरवी रखने वाले श्यामल दास और सुलता को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ चारसौबीसी का केस दर्ज किया है। श्यामलेंदू मृधा फरार है, पुलिस इसकी तलाश कर रही है।

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लोन की राशि सराफा दुकानदार के खाते मेें ट्रांसफर किया गया
पुलिस को जांच में पता चला है कि श्यामल दास और सुलता दास सराफा व्यापारी अनूप मजूमदार के रिश्तेदार हैं। श्यामलेंदू से भी अनूप का परिचय था। लोन के बाद तीनों ने 10 लाख 19 हजार रुपए अनूप के खाते में ट्रांसफर किया था। पुलिस का कहना है कि षड्यंत्र रचकर बैंक के साथ धोखाधड़ी हुई है। अनूप मजूमदार शिवाजी नगर के एलआईजी 104 में निवास करता है।