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दो साल पहले मारपीट के मामले में बीच बचाव करने गए युवक की हुई थी हत्या, कोर्ट ने तीन युवकों को सुनाई ये सजा…

- घटना 12 अक्टूबर, 2016 की रात करीब एक बजे की है, पुरानी बस्ती में रहने वाले दो युवक मोहम्मद सलाउद्दीन और परवेज दशहरा पूजा देखकर लौट रहे थे घर

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कोरबा

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Shiv Singh

Sep 20, 2018

दो साल पहले मारपीट के मामले में बीच बचाव करने गए युवक की हुई थी हत्या, कोर्ट ने तीन युवकों को सुनाई ये सजा...

दो साल पहले मारपीट के मामले में बीच बचाव करने गए युवक की हुई थी हत्या, कोर्ट ने तीन युवकों को सुनाई ये सजा...

कोरबा. मारपीट के एक मामले में बीच बचाव करने गए युवक की हत्या के दोषी तीन युवकों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी है। दोष को गंभीर माना है। अभियोजन पक्ष ने बताया कि कोर्ट ने हत्या के दोषी बाबा उर्फ विशाल दास २६, निर्मल दास २९ और गोलू उर्फ विकास दास १९ को उम्रकैद की सजा दी है। तीनों पुरानी बस्ती कोरबा के निवासी हैं।

घटना १२ अक्टूबर, २०१६ की रात करीब एक बजे की है। पुरानी बस्ती में रहने वाले दो युवक मोहम्मद सलाउद्दीन और परवेज दशहरा पूजा देखकर घर लौट रहे थे। चित्रा टॉकीज रोड में संजू पाहूजा की दुकान के पास खड़े थे। रात करीब एक बजे गए थे। इस बीच बाबा दास, निर्मल दास और गोलू सहित एक अन्य नाबालिग युवक पहुंचा। उसी समय रास्ते एक पागल व्यक्ति गुजर रहा था। उसे पकड़कर युवकों ने पीटना शुरू कर दिया। सलाउद्दीन बीच कर युवकों की चंगुल से पागल व्यक्ति को छुड़ाने पहुंचा।

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युवकों ने सलाउद्दीन को घेर लिया और उसके साथ मारपीट करने लगे। सलाउद्दीन को सड़क पर पटक कर लात घूसे से पीटा। इतने पर भी जब संतोष नहीं हुआ तो उन्होंने पत्थर उठाकर उसके सिर पर दे मारा। पत्थर से मार-मार कर उसका सिर पूरी तरह से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे अपने अस्पताल से दूसरी जगह रेफर कर दिया। सलाउद्दीन को ट्रामा ले जाया गया।

इलाज के दौरान १३ अक्टूबर की सुबह ४.३५ बजे सलाउद्दीन की मौत हो गई। पुलिस ने कोतवाली थाने में बरफ फैक्ट्री पुरानी बस्ती निवासी बाबा उर्फ विशाल दास महंत २६, चित्रा टॉकीज पुरानी बस्ती निवासी बाबा दास मानिकपुर २९ और नीम चौक शीतला मंदिर के पास रहने वाले गोलू दास १९ सहित अन्य नाबालिग युवक के खिलाफ आईपीसी की धारा ३०२ (हत्या), २०१ (सबूत नष्ट करने) का केस दर्ज किया था।

इसकी सुनवाई द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हिमांशु जैन की अदालत में चल रही थी। सबूत नष्ट करने का सबूत अभियोजन कोर्ट में पेश नहीं कर सका। न्यायाधीश जैन ने तीनों आरोपियों को सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

नाबालिग के खिलाफ बाल न्यायालय में केस
मामले में आरोपी बनाए गए एक अन्य नाबालिग के खिलाफ बाल न्यायालय में पुलिस ने चार्जशीट पेश किया है।