
गेवरा-दीपका में दो हजार लोग एलपीजी सिलेंडर के लिए वेटिंग लिस्ट में, जानें आखिर क्यों हो रही परेशानी
कोरबा. ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का असर रोजमर्रा के सामानों पर दिखने लगा है। सब्जियों के साथ गैंस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे रसोई का जायका बिगडऩे लगा है। सबसे बुरा हाल भारत पेट्रोलियम की गैस एजेंसियों का है। गेवरा दीपका में दो हजार लोग एलपीजी सिलेंडर के लिए वेटिंग लिस्ट में हैं। कुसमुंडा, मानिकपुर और बालकोनगर का हाल भी बेहाल है। प्रतीक्षा सूची लंबी हो गई है। सबसे अधिक परेशान वे उपभोक्ता हैं, जिनके पास सिंगल सिलेंडर है। कोरबा जिले में भारत गैस के लगभग 30 हजार से अधिक उपभोक्ता है। इसमें सबसे अधिक सरकारी कर्मचारी हैं।
गेवरा, कुसमुंडा और कोरबा एरिया में एसईसीएल सहकारी सोसाइटी बनाकर एजेंंसी को संचालित करती है। इसके अलावा व्यापारियों के पास भी भारत गैस का डिस्ट्रीब्यूटरशिप है। पिछले कुछ समय से कंपनी के रायपुर और जबलपुर स्थित बॉटलिंग प्लांट से डिस्ट्रीब्यूटर को गैंस की आपूर्ति मांग के अनुसार नहीं हो रही है। इससे गैंस एजेंसी में एलपीजी सिलेंडर के लिए प्रतीक्षा सूची लंबी होने लगी है।
सबसे अधिक परेशानी गेवरा और दीपका के लोगों का हैं। गेवरा स्थित भारत गैस की एजेंसी मेें सिलेंडर के लिए प्रतीक्षा सूची में लगभग दो हजार उपभोक्ता हैं। कुसमुंडा और मानिकपुर का हाल भी बुरा हैं। कुसमुंडा में सिलेंडर के लिए वेस्टिंग लिस्ट ५०० से अधिक चल रहा है। मानिकपुर का भी यही हाल है। घरेलू गैस की किल्लत से बालकोनगर के लोग भी परेशान हैं।
भारत के गैस के उपभोक्ता को एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति रायपुर के बॉटलिंग प्लांट से की जाती है। लेकिन यह प्लांट छोटा है। यहां से मांग पूरी नहीं होती है। ऐसी स्थिति में जबलपुर के भिटोनी स्थित बॉटलिंग प्लांट से गैस कोरबा मंगानी पड़ती है। इसमें दो से तीन दिन का समय लगता है।
कुसमुंडा में पहुंची दो गाडिय़ां
्रएलपीजी सिलेंडर को लेकर बुधवार को कुसमुंडा में दो गाडिय़ां पहुंची। मानिकपुर में भी एक गाड़ी है। इससे डिस्ट्रीब्यूटर व उपभोक्ता को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन जब तक आपूर्ति सामान्य नहीं होती। तब तक उपभोक्ताओं की परेशानी होगी।
हड़ताल को बता रहे कारण
भारत गैस के अफसरोंं का कहना है कि ऑल इंडिया ट्रक एसोसिएशन के आह्वान पर गुड्स ट्रक मालिक हड़ताल पर हैं। इससे बॉटलिंग प्लांट से डिस्ट्रीब्यूटर तक सिलेंडर पहुंचाने में देरी हुई है। कुछ दिन सभी बैक लॉग को दूर कर लिया जाएगा। स्थित सामान्य बनाई जाएगी।
एक लोड में ३०६ सिलेंडर
डिस्ट्रीब्यूटर को गैस की आपूर्ति छह और १० पहिया वाली गाडिय़ों से की जाती है। छह पहिया की ट्रक में ३०६ सिलेंडर आता है। बड़ी गाडिय़ों में ४५० सिलेंडर का परिवहन एक बार में होता है। सिलेंडर आने में हो रही देरी से बुकिंग इतनी बढ़ जा रही है कि इसकी पूर्ति सप्ताह में एक या गाड़ी सिलेंडर से नहीं हो रहा है।
-ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से एलपीसी सिलेंडर की आपूर्ति में देरी हुई है। जितना भी बैकलॉग है, उसे माह के अंत तक खत्म कर दिया जाएगा। सुदीपत्तो बेनर्जी, नोडल अधिकारी, भारत गैस
Published on:
26 Jul 2018, 10:29 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.