
महिला ने सुपारी देकर शादी की सालगिरह पर कराई पति की हत्या
दर्री सीएसपी रॉबिनसन गुडिया ने बताया कि 24 मई की रात घर में घुसकर बदमाशों ने कोलकर्मी जगजीवन राम रात्रे (32) की हत्या कर दी थी। घर में दरवाजे के पास खून से लथपथ लाश पड़ी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू की। साइबर सेल प्रभारी, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्कवॉयड को बुलाया गया। घटना को लेकर मृतक की पत्नी धनेश्वरी रात्रे (32) से पूछताछ की गई। धनेश्वरी बयान बदल रही थी। पुलिस को संदेह हुआ।
पुलिस ने पूछताछ के लिए महिला को हिरासत में लिया। महिला से उसकी मोबाइल हैंड के संबंध में पूछताछ की गई। उसने हैंडसेट के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी। नंबर के संबंध में भी नहीं बताया। इस बीच पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर कॉल डिटेल निकाला। इसके आधार पर छानबीन आगे बढ़ी। पूछताछ में महिला टूट गई। उसने कृष्णानगर थाना दीपका में रहने वाले तुषार सोनी उर्फ गोपी (21) के साथ मिलकर जगजीवन राम की हत्या करना स्वीकार किया।
बताया कि 24 मई, 2013 को जगजीवन राम रात्रे के साथ उसकी शादी हुई थी। जगजीवन को शराब पीने की आदत थी। वह नशे में धनेश्वरी को परेशान, प्रताड़ित और अपमानित करता था। इससे पति पत्नी के संबंध खराब हो गए थे। धनेश्वरी ने अपने पति जगजीवन राम की हत्या का योजना बनाई।
इसके लिए अपने पुराने परिचित तुषार सोनी को तैयार किया। जगजीवन राम को मारने की सुपारी दिया। मार्च 2023 में 50 हजार रुपए तुषार को दिया। शेष राशि जगजीवन राम की हत्या के बाद देने का वादा किया। घटना की रात लगभग 12 बजे तुषार एवेंजर बाइक में टंगिया बांधकर जगजीवन की घर के पास पहुंचा। आवास एमक्यू- 07 का दरवाजा खटखटाया। जगजीवन राम ने घर का दरवाजा खोला। तुषार ने जगजीवन से कहा कि उसकी पत्नी (धनेश्वरी) के बारे में कुछ बताना है। इसके पहले तुषार ने जगजीवन राम से ठंडी पानी पीलाने के लिए कहा। जगजीवन ठंडी पानी लेने के लिए घर से भीतर गया। उस बीच तुषार ने बाइक से टांगी निकाल लिया। पानी लेकर जैसे ही पहुंचा तुषार ने जगजीवन पर किनारे से हमला कर दिया। जगजीवन जमीन पर गिर गया। इसके बाद टांगी से छह से सात बार चेहरे पर और हमला किया। जब तक की जगजीवन की सांसे नहीं उखड़ गई।
मार्च में थी हत्या की योजना
धनेश्वरी ने हत्या के लिए मार्च में तुषार को 50 हजार रुपए दिया था। तुषार हत्या की योजना बना रहा था कि पुलिस ने एक मामले में तुषार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हाल ही में तुषार जेल से बाहर निकला था। तब से धनेश्वरी तुषार पर लगातार जगजीवन राम की हत्या के लिए दबाव डाल रही थी। इससे फोन पर बातचीत कर रही थी।
हत्यारे को धनेश्वरी ने दिया सोने का हार और छह हजार रुपए
जगजीवन की हत्या के बाद तुषार ने धनेश्वरी से सुपारी की शेष की मांग किया। धनेश्वरी के पास रुपए नहीं थे। उसने अपनी सोने की हार और छह हजार रुपए तुषार को प्रदान किया। तोड़कर फेंकने के लिए धनेश्वरी ने अपना मोबाइल भी तुषार को सौंप दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। यहां से रिमांड पर जेल भेज दिया।
Published on:
27 May 2023 12:16 pm
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