
महिला पटवारी ने बेच दी 20 एकड़ सरकारी जमीन (Photo Patrika)
CG News: राजस्व विभाग में सरकारी जमीन को बेचने के एक बडे़ धंधे का खुलासा हुआ है। बरपाली सर्किल के गांव संडैल की महिला पटवारी आभा सोनी ने अपने सहयोगी साथ मिलकर करीब 20 एकड़ सरकारी जमीन 12 लोगों को बेच दिया है। उसने राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार को भरोसे में लेकर ऋण पुस्तिका भी बनाकर 12 लोगों को दिया।
इस मामले का खुलासा होने के बाद कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत ने पटवारी आभा सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उसे जटगा में अटैच किया है। सरकारी जमीन को बेचने का खुलासा होने के बाद से राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अब इस मामले में जिला प्रशासन पटवारी आभा सोनी और उसके सहयोगी कोमल प्रसाद सहित अन्य लोग जिन्होंने सरकारी जमीन अपने नाम कराया उनके विरुद्ध केस दर्ज कराने की तैयारी में है। संडैल में 20 एकड़ सरकारी जमीन को बेचने से संबंधित जांच रिपोर्ट पत्रिका के पास उपलब्ध है। 62 पन्ने की यह रिपोर्ट अलग- अलग अधिकारियों को भेजे गई है।
इस रिपोर्ट में बताया गया कि गांव संडैल में धास मद की खसरा नंबर 400 में 47.57 हेक्टेयर (117.54 एकड़) और 599 में 80.20 हेक्टेयर (198.17 एकड़) जमीन थी। हल्का पटवारी आभा सोनी ने अपने सहयोगी कोमल प्रसाद के साथ मिलकर इसमें से 7.97 हेक्टेयर (19.69 एकड़) जमीन 12 लोगों के नाम पर दर्जकर बेच दिया। इसके लिए महिला पटवारी ने अपनी सरकारी आईडी और डिजिटल हस्ताक्षर से जमीन को कई छोटे छोटे टुकडों में बांटा। खरीदारों को सरकारी जमीन का पट्टा दिया। इसके बाद राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार को भरोसा में लेकर ऋण पुस्तिका स्वीकृत कराया और खरीदने वालों को प्रदान किया।
गांव संडैल में सरकारी जमीन उपलब्ध होने की जानकारी के गांव सरपंच, पंच और उप सरपंच के अलावा जनपद सदस्यों को थी। लेकिन जब पटवारी आभा और उसके सहयोगी कोमल प्रसाद ने जमीन को टुकड़ों में बांटन लोगों के नाम पर चढ़ाना शुरू किया तो धीरे- धीरे बातें गांव में फैल गई। पंच, सरपंच, उप सरपंच और जनपद सदस्य ने अपने स्तर पर जानकारी ली। इस गड़बड़ी से कोरबा के जिला प्रशासन को अवगत कराया। इससे संबंधित शिकायत और दस्तावेज प्रदान किया। प्रशासन की ओर से मामले की जांच गई। तब जमीन के बंदरबांट का खुलासा हुआ।
जांच में खुलासा हुआ है कि पटवारी आभा ने ग्राम संडैल निवासी ननकीराम, अमृतलाल, कीर्तनलाल, देवनारायण, मेघराम, सत्यनारायण, विनोद कुमार, अहिल्या बाई, अनिल बिंझवार, मिलौतिन बाई, कविता कश्यप और जयकिशन चौकसे के नाम पर चढ़ाया। चर्चा है कि सरकारी जमीन को बेचने के बदले बड़ा लेन- देन हुआ।
राजस्व विभाग में सरकारी जमीन की हेराफेरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इस मामले में प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई जा रही है। हाल ही में एक पटवारी के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से अपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया था। इसमें पटवारी पर दस्तावेजों में कुटरचना कर लोगों को जमीन बेचने का आरोप है। पुलिस केस दर्ज कर इस मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है। अब यह मामला कोर्ट में चल रहा है। इसके पहले कोटवारी जमीन को बेचने के भी कई मामले सामने आए हैं।
इन मामलों में प्रशासन की ओर से कड़े कदम उठाए गए हैं। बिना अनुमति बिक्री की गई कोटवारी जमीन के सौदों को रद्द कर दिया गया है। अब बरपाली के संडैल में महिला पटवारी के कारनामे से राजस्व विभाग के आलोचना हो रही है। कर्मचारियों की निगरानी की पद्धति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि राजस्व विभाग में जमीन से संबंधित कोई भी काम बिना रिश्वत के नहीं होते हैं। जमीन का नामांतरण हो या सीमांकन। खाते का बटंकन के लिए लोगों को पैसे देने पड़ते हैं। पटवारी आभा के कार्यों से राजस्व विभाग की छवि को बड़ा झटका लगा है।
Updated on:
06 Aug 2025 02:09 pm
Published on:
06 Aug 2025 02:08 pm
बड़ी खबरें
View Allकोरबा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
