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#topic of the day- महिला सुरक्षा के लिए कड़े कानून से ही पैदा होगा डर और अपराध में आएगी कमी

गल्र्स एसोसिएशन की युवतियां बतौर अतिथि शामिल हुईं
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 21 Apr 2018, 9:21 PM IST

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गल्र्स एसोसिएशन की युवतियां बतौर अतिथि शामिल हुईं

कोरबा . पत्रिका डॉट कॉम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में शनिवार को कोरबा गल्र्स एसोसिएशन की युवतियां बतौर अतिथि शामिल हुईं। जिन्होंने महिलाओं व बच्चियों पर दिनो दिन बढ़ते अपराध के लिए कड़े कानून की मांग करते हुए, बेबाक अंदाज में अपनी बातें रखीं।


पूजा ने बताया कि गल्र्स एसोसिएशन का गठन एक तरह से हमारे आक्रोश की वजह से किया गया। छोटी-छोटी ब"िायों के साथ दुष्कर्म के मामलों ने हम सभी बेहद आहत व विचलीत हैं। अपराधियों के साथ भी व्यवस्था के प्रति भी मन में गुस्सा है। कुछ तो ठोस पहल होनी चाहिए। इसी सोंच के साथ केवल एक दिन में ही गल्र्स एसोसिएशन की रूपरेखा तैयार की गई और शहर की सभी आम स्कूल व कॉलेज जाने वाली लड़कियां रैली में शामिल हुईं। हमने राष्ट्रपति के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कड़े कानून कि मांग की गई है।

गल्र्स एसोसिएशन की वर्तमान में 250 मेम्बर्स हैं, हमारा मकसद सिर्फ इतना है कि लड़कियों को सुरक्षा दी जाए। फिर चाहे वो किसी भी तरह की हो। हम लड़कियों व बच्चियों के लिए हर संभव प्रयास करने की कोशिश करेंगे और समय-समय पर महिलओं के प्रति बढ़ते अपराध के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।


गल्र्स एसोसिएशन कि प्रिया ने बताया कि वर्तमान परिवेश में महौल कुछ ऐसा बन गया है कि हर लड़की अब घर से बाहर असुरक्षित महसूस करती है। गली मोहल्लों में छेडख़ानी आम बात की तरह लगती है। हमसे जुड़ी कुछ स्कूल की ब'िचयां भी हमसे बात करती हैं। अधिकतर बच्चियों तो समझ भी नहीं पाती कि उनके साथ कुछ गलत हो रहा है। कई बार वह डर से वह अपने घर में भी ऐसी बातों का जिक्र नहीं करती। लेकिन इन बातों को अब सामने लाना होगा। जरूरत है। कड़ा कानून बनाने की। ताकि इस तरह के मामलों में कमी आए।

मुस्कान ने बताया कि जब इस तरह के घटनाओं की जानकारी घर वालों को मिलती है, तब वह सहम जाते हैं। कई बार तो कुछ पाबंदियां भी लगाई जाती हैं। कुछ लड़कियों ने यह भी बताया कि उनके घर वाले उन्हें बॉबकट बाल रखने को कहते हैं।