21 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पत्रिका वीमेंस कोर्ट का आयोजन : शिक्षा और जागरुकता से मिलेगी महिलाओं को आर्थिक आजादी

वीमेंस कोर्ट में प्रशासन, न्यायनिक, साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा, स्व सहायता समूह व गृहिणी सभी वर्ग की प्रबुद्ध व जागरुक महिलाएं उपस्थित रहीं।

2 min read
Google source verification

कोरबा

image

Shiv Singh

Apr 07, 2018

पत्रिका वीमेंस कोर्ट का आयोजन : शिक्षा और जागरुकता से मिलेगी महिलाओं को आर्थिक आजादी

कोरबा . पत्रिका समूह की ओर से महिलाओं की आर्थिक आजादी के विषय पर शनिवार को पंचवटी विश्राम गृह के सभागार में वीमेंस कोर्ट का आयोजन किया गया। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत जिले भर की प्रबुद्ध महिलाओं ने इस बात पर सहमति बतायी कि महिलाओं को अभी आर्थिक आजादी की दरकार है और इसे पाने के लिए शिक्षित और जागरूक होना जरूरी है।

पत्रिका द्वारा महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर वीमेंस कोर्ट का आयोजन किया जाता रहा है। खास बात यह है कि पूर्व निर्धारित विषय पर इस वीमेंस कोर्ट का संचालन, संयोजन और निष्कर्ष तक पहुंचाने तक की जिम्मेदारी महिलाएं ही निभाती हैं। इसमें विभिन्न मुद्दों पर महिलाओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त कर समाज को नई दिशा देने का प्रयास किया। वीमेंस कोर्ट में निर्णायक के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा जगदल्ला, डीएसपी साधना सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता मीनू त्रिवेदी उपस्थित रहीं जबकि वीमेंस कोर्ट का संचालन वीणा मिस्त्री ने किया।

Read More : Video Gallery : कर्मचारी एम्बुलेंस छोड़कर चले गए रायपुर , इधर अप्रशिक्षित ड्राइवरों को थमा दी स्टीयरिंग

कोर्ट में पूरे समय महिलाओं ने अपने-अपने विचार रखे। किसी ने महिलाओं में जागरुकता की कमी तो किसी ने शिक्षा की कमी बतायी। कुछ शिक्षिकाओं ने आर्थिक आजादी पाने के लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी होने की भी जरूरत पर बल दिया।

पूरी चर्चा को सुनने के पश्चात निर्णायक मंडल ने विस्तारपूर्वक अपना निर्णय सुनाते हुए कहा कि यह सच है कि महिलाओं को आर्थिक आजादी नहीं मिली है। इसकी वजह पुरुषों पर निर्भरता और पुरुष प्रधान समाज होना है। इसलिए महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनें तभी वे आथर््िाक आजाादी पा सकती हैं। वीमेंस कोर्ट में प्रशासन, न्यायनिक, साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा, स्व सहायता समूह व गृहिणी सभी वर्ग की प्रबुद्ध व जागरुक महिलाएं उपस्थित रहीं।

उल्लेखनीय है कि वीमेंस कोर्ट के प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में कैसे नशा मुक्त हो समाज? विषय पर वीमेंस कोर्ट का आयोजन किया गया था। इनमें कोरबा भी शामिल था। इस आयोजन में महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। शनिवार का आयोजन वीमेंस कोर्ट की दूसरी कड़ी का हिस्सा था।