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बैकुंठपुर.कोरिया के टॉप 30 गोठान में स्व सहायता समूह की महिलाएं वर्मी कंपोस्ट बिक्री कर स्वयं की आमदनी बढ़ाने लगी हैं। जिले में जैविक कृषि को बढ़ावा देने ग्राम गोठानो में वर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण कार्य प्रगति पर है। वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन और बिक्री से स्वसहायता समूह की महिलाओं को गांव में रोजगार मिला है। सुदूर वनांचल ग्राम देवगढ़ में समूह में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा महिलाएं जुड़ी हैं.
जिला मुख्यालय से लगभग 150 किलोमीटर दूर विकासखण्ड भरतपुर की सरस्वती महिला स्व सहायता समूह कार्यरत है। महिलाओं ने सर्वाधिक 939 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद बेचकर 3.68 लाख तक कमाए हैं। समूह की अध्यक्ष चन्द्रवती बैगा ने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट खाद के लिए बिहान के माध्यम से महिलाओं को पारंपरिक खाद बनाने प्रशिक्षण दिया गया है। गोठान में 20 टांकों में वर्मी खाद का निर्माण कर रही हैं। प्रत्येक टांके में लगभग 5 क्विंटल खाद उत्पादन होता है। वहीं विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ के गोठान पिपरिया की सती एवं विद्या स्वसहायता समूह ने मई महीने तक सर्वाधिक 18 लाख का वर्मी कम्पोस्ट बेचा है। जिससे समूह को 7.07 लाख का लाभांश मिला है। समूह की अध्यक्ष सीता व सदस्य मानकुंवर बताया कि वर्मी खाद की बिक्री से मिले लाभांश को घर में खेती-किसानी के काम में लगाया है। इससे अपने परिवार की मदद कर रही हैं।
ये है समूहों के लाभांश
देवगढ़ की सरस्वती महिला स्व सहायता समूह ने सर्वाधिक 3.68 लाख, जनुआ आरती स्व सहायता समूह ने 3.56 लाख कमाए हैं। वहीं कुंवारपुर काली मां स्वसहायता समूह 2.94 लाख, तोजा चांगदेवी स्वसहायता समूह 2.89 लाख, जनकपुर सक्षम स्वसहायता समूह 2.56 लाख, माड़ीसरई मुड़ाटोला स्व सहायता समूह ने 2.48 लाख कमाए है। वहीं रोझी संतोषी स्वसहायता समूह को 2.85 लाख, बेलबहरा जागृति महिला स्वसहायता समूह को 2.25 लाख, तिलोखन प्रतिभा स्वसहायता समूह 1.86 लाख, बुंदेली रानी कुंडी महिला स्वसहायता समूह 1.75 लाख एवं पसौरी जय मां शारदा समूह को 1.02 लाख का लाभांश मिला है। बैकुंठपुर के कटकोना जय मां गौरी एवं शंकर स्वसहायता समूह को 3.93 लाख, जूनापारा भक्ति स्वसहायता समूह 2.64 लाख, उमझर शिव महिला स्व सहायता समूह 1.98 लाख, छिंदिया जागृति स्वसहायता समूह आदि शामिल है।
1.96 लाख, खड़गवां के बरदर मां दुर्गा स्वसहायता समूह को 2.29 लाख, गिद्धमुड़ी दुर्गा स्वसहायता समूह को 1.49 लाख, सोनहत के सुंदरपुर भावना स्वसहायता समूह को 3.02 लाख, कुंवारपुर काली मां स्वसहायता समूह 2.94 लाख, घुघरा राखी स्वसहायता समूह ने 2.24 लाख कमाए हैं।
Published on:
29 Jun 2022 12:50 pm
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