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नगर पालिका बैकुंठपुर: जल आवर्धन में लेटलतीफी, नेताप्रतिपक्ष ने पालिका का ध्यानाकर्षण कराया

- बोलीं-शहर के हर वार्ड में पीने का साफ पानी के लिए परेशानी, नए कनेक्शन से जल्द जलापूर्ति कराएं।

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नगर पालिका बैकुंठपुर: जल आवर्धन में लेटलतीफी, नेताप्रतिपक्ष ने पालिका का ध्यानाकर्षण कराया

नगर पालिका बैकुंठपुर: जल आवर्धन में लेटलतीफी, नेताप्रतिपक्ष ने पालिका का ध्यानाकर्षण कराया





बैकुंठपुर। नगर पालिका बैकुंठपुर की नेताप्रतिपक्ष ने ३२ करोड़ की जल आवर्धन योजना निर्माण में लेटलतीफी और वार्डों में पेयजल समस्या से पालिका व जिला प्रशासन का ध्यानाकर्षरण कराया है।
नेताप्रतिपक्ष अन्नपूर्णा प्रभाकर सिंह ने कहा कि शहर में प्रमुख समस्याओं को हर वार्डों में जाकर जानने की कोशिश की। इस दौरान अधिकतर वार्ड में स्वच्छ साफ पानी की मुख्य परेशानी है। वार्डों में पेयजल की समस्या हमेशा बनी रहती है। स्वच्छ पेयजल को लेकर एक बहुत बड़ी मांग और वर्षों पुरानी मांग है। क्योंकि स्वच्छ पानी नहीं मिलने से कई प्रकार की बीमारियों से जूझना पड़ता है। नगर पालिका मेंं पुरानी पाइप लाइन से पानी का सुचारू रूप से सप्लाई नहीं होता है। जिससे आए दिन वार्डों में पानी की समस्या से अवगत कराया जाता है। नई पानी टंकी बन गई है और समस्त वार्डों में पाइप कनेक्शन बिछा दिया गया है। उसके बाद भी पाइप लाइन में पानी आपूर्ति नहीं हो रही है। मामले में नगर पालिका का ध्यान आकर्षण कराया है और जल्द नई टंकी से पाइप लाइन कनेक्शन से जलापूर्ति करने मांग रखी है। गौरतलब है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग रायपुर द्वारा जनवरी २०१८ में जल आवर्धन निर्माण कराने ३२ करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। जल आवर्धन योजना पूरा होने के बाद बैकुंठपुर के प्रत्येक व्यक्ति को रोजाना १७२ लीटर पीने का पानी मिल पाएगा। लेकिन इसके लिए शहरवासियों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। नपा बैकुंठपुर में वर्ष २००५ में निर्मित २.२५ एमएलडी के फिल्टर प्लांट से हर व्यक्ति को ७० लीटर पानी देने का दावा है। जिसमें शहरी क्षेत्र की करीब १०-१५ हजार जनसंख्या को ही पीने का पानी मिलता है। जबकि नपा क्षेत्र की आबादी ३० हजार को पार कर चुकी है।

पहली ठेका कंपनी काम छोड़कर भागी थी, दूसरी कंपनी का काम में सुस्ती
जानकारी के अनुसार पहली बार टेंडर लेने के बाद महाराष्ट्र पुणे की कंपनी काम छोड़ भाग गई थी। दोबारा टेंडर करने के बाद निर्माण धीमी गति से चल रहा है। शहर को अप्रैल २०२२ तक योजना से पानी मिलने की उम्मीद थी। क्योंकि मार्च २०२२ तक निर्माण पूरा करने अंतिम तिथि निर्धारित थी। फिलहाल धीमी गति से निर्माण होने के कारण अवधि बढ़ाने आवेदन प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल ९० फीसदी तक काम हुआ है। निर्माण की अवधि दिसंबर २०२२ तक बढ़ाने की तैयारी है।

जल आवर्धन निर्माण की अवधि मार्च २०२२ निर्धारित थी। समय सीमा पर काम पूरा नहीं हुआ है। जिसे दिसंबर २०२२ तक बढ़ाने आवेदन दिया गया है।
सुभेंदु श्रीवास्तव, सब इंजीनियर नपा बैकुंठपुर


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