
korea गोबर पेंट-डिस्टेंपर: दो सप्ताह में 500 लीटर बिक्री, समूह को 60 हजार आमदनी
बैकुंठपुर।मझगवां गोठान ग्रामीण औद्योगिक पार्क में लगे गोबर पेंट यूनिट से दो सप्ताह के भीतर ८०० लीटर तैयार करने के बाद ५०० लीटर बेच चुके हंै। जिससे महिला समूह को ६० हजार रुपए आमदनी हुई है।
जानकारी के अनुसार नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी व गोधन न्याय योजना के तहत कोरिया के गोठानों में गोबर से कंपोस्ट खाद के साथ अन्य सामग्री का निर्माण किया जा रहा हैं। गौमूत्र से फसल कीटनाशक और जीवामृत तैयार किए जा रहे है। वहीं महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क योजना के तहत युवा उद्यमिता का केंद्र बनाने की तैयारी है। यहां गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की इकाई शुरू हुई है। जिला प्रशासन ने प्रगति स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित कर पेंट बनाने का कार्य सौंपा गया है। जिससेब15 दिन के अंदर 800 लीटर पेंट तैयार कर चुकी हैं। जिसमें से लगभग 500 लीटर पेंट की बिक्री हो चुकी है। जिसकी कीमत लगभग 60 हजार रुपए है। गोबर पेंट को सी मार्ट के माध्यम से खुले बाजार में बेचने रखा गया है। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर सभी शासकीय कार्यालयों व बंगलों में रंग रोगन के लिए उपयोग में लिया जाना है। एनआरएलएम बिहान के अनुसार यह पेंट आमतौर पर मिलने वाले पेंट जैसा ही है। गोबर से पेंट बनाने की प्रक्रिया में पहले गोबर और पानी के मिश्रण को मशीन में डालकर अच्छी तरह से मिलाया जाता है, फिर बारीक जाली से छानकर अघुलनशील पदार्थ हटाया जाता है। कुछ रसायनों का उपयोग कर उसे ब्लीच कर स्टीम की प्रक्रिया से गुजारा जाता है। उसके बाद सीएमएस नामक पदार्थ मिलता है। जिसे डिस्टेंपर और इमल्सन के रूप में उत्पाद बनाए जा रहे हैं।
रोजाना ५०० लीटर तक पेंट तैयार करने की क्षमता है
गोबर पेंट यूनिट में रोजाना 400 से 500 लीटर पेंट बनाया जा सकता है। समूह की महिलाएं बाजार की मांग के आधार पर प्रतिदिन औसतन 100 से 200 लीटर पेंट उत्पाद तैयार कर रही हैं। यहां बनने वाले उत्पाद को राष्ट्रीय स्तर का बाजार उपलब्ध कराने खादी इंडिया से जोड़ा गया है। गोबर से निर्मित प्राकृतिक पेंट में एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, पर्यावरण अनुकूल, प्राकृतिक ऊष्मा रोधक, किफायती, भारी धातु मुक्त, अविषाक्त एवं गंध रहित गुण पाए जाते हैं। मामले में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्त शासकीय भवनों की रंगाई के लिए गोबर से निर्मित प्राकृतिक पेंट करने निर्देश दिए गए हैं।
Published on:
26 Feb 2023 08:46 pm
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