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हाल-ए-जल जीवन मिशन: अधीक्षण अभियंता की टीम जरौंधा जांच करने पहुंची, शोपीस खड़ी ओवरहेड टंकी पर चढ़ी

- पीएचई की लापरवाही से नलों के बेस-प्लेटफार्म टूटकर फेंकाए थे, कहीं बांधी थी बकरियां।

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हाल-ए-जल जीवन मिशन: अधीक्षण अभियंता की टीम जरौंधा जांच करने पहुंची, शोपीस खड़ी ओवरहेड टंकी पर चढ़ी

हाल-ए-जल जीवन मिशन: अधीक्षण अभियंता की टीम जरौंधा जांच करने पहुंची, शोपीस खड़ी ओवरहेड टंकी पर चढ़ी




बैकुंठपुर।खडग़वां विकासखंड के ग्राम जरौंधा में जल जीवन मिशन से कराए गए घटिया निर्माण कार्य देखने व गुणवत्ता की जांच करने सरगुजा से संभागीय पीएचई टीम पहुंची। इस दौरान
पत्रिका अखबार में २४ फरवरी के अंक में ग्राम पंचायत जरौंध में जल मिशन से कराए गए घटिया निर्माण की खबर लगाई थी। मामले को संज्ञान में लेकर पीएचई अधीक्षण अभियंता संजय ठाकुर अपनी टीम के साथ ग्राम जरौंधा पहुंचे। इस दौरान योजना का परीक्षण कर गर्मी के मौसम से पहले जरौंधा में नलजल योजना शुरू कराने दावा किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में निर्मित नल जल योजना को फिर से शुरू करने प्रयास किए जा रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने ग्राम जरौंधा में नल जल योजना का निरीक्षण कर पुन: शुरू करने के लिए तकनीकी पहलुओं का परीक्षण कराया। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना को फिर शुरू करने के लिए विद्युत आपूर्ति को दुरूस्त करने पहल की जा रही है। साथ ही नलजल योजना को नए जल स्त्रोत के माध्यम से जोड़कर इसका परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण सफल होने पर जल्द ही योजना के माध्यम से गांव में गर्मी के मौसम के पहले आंशिक रूप से पेयजल की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। साथ ही इस योजना को जल जीवन मिशन के अंतर्गत जरौंधा समूह जल प्रदाय योजना बरदर कटकोना में शामिल कर लिया गया है। वर्तमान में निविदा प्रक्रियाधीन है।

हर घर में कलेक्शन देने नल लगाने सीमेंटेड प्लेटफार्म, बेस बनाए, क्षतिग्रस्त
जानकारी के अनुसार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लापरवाही की वजह से एमसीबी जिले के ग्राम पंचायत जरौंधा में जन जीवन मिशन पेयजल आपूर्ति होने से पहले ही बदहाल हो चुका है। करीब एक साल पहले सीमेंटेड प्लेटफार्म, बेस बनाकर नल स्टैंड लगाए और पाइपलाइन बिछाई गई थी। गुणवत्ता खराब होने के कारण टूट-टूट कर फेंका गए हैं। ग्रामीणों को करीब एक साल से नल से पानी शुद्ध पानी मिलने का इंतजार है। वर्तमान में नल के प्लेटफार्म का बकरी बांधने में उपयोग कर रहे हैं। जल जीवन मिशन के तहत हर घर में प्लेटफार्म बनाया है। लेकिन घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। इधर ग्रामीण आज हैंडपंप के सहारे हैं। वहीं प्रभारी कार्यपालन अभियंता सीबी सिंह का कहना कि प्लेटफार्म व पाइपलाइन में टूट-फूट व घटिया सामग्री लगने की जानकारी मिलने पर तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाता है। जरौंधा में सोलर सिस्टम लगाकर पेयजल आपूर्ति करनी है।