
अनोखा स्टेडियम: 80 लाख खर्च कर निर्माण, टूर्नामेंट की बजाय मिर्ची, भांटा, आलू उगाने लगे ग्राउंड में?
बैकुंठपुर।आदर्श ग्राम पंचायत बुढ़ार में बस्ती से किनारे करीब ८० लाख की लागत से निर्मित मिनी स्टेडियम में चार साल बाद लावारिस छोडऩे के कारण अब मिर्ची, भांटा, आलू की खेती होने लगी है।
जानकारी के अनुसार वर्ष २०१७-१८ में आदर्श ग्राम बुढार में मिनी स्टेडियम निर्माण कराने स्वीकृति मिली थी। जिसमें स्टेडियम की लागत करीब ५० लाख, मैदान समतलीकरण १७ लाख और स्टेडियम पहुंच मार्ग मुरुम सड़क बनाने करीब १५ लाख शामिल थी। मामले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा बैकुंठपुर को एजेंसी बनाकर निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी थी। एजेंसी की सुस्ती के कारण जैसे-तैसे स्टेडियम निर्माण हुआ। फिर ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दिया गया था। निर्माण के करीब चार साल बीतने को है, लेकिन कोई टूर्नामेंट नहीं होता है। क्योंकि आबादी बस्ती से काफी दूर और गांव से बिल्कुल किनारे निर्माण हुआ है। फिलहाल चार साल से स्टेडियम लावारिस पड़ा हुआ है। जिससे कुछ ग्रामीण ग्राउंड के भीतर ठंडी में सब्जियां उगाई थी। वर्तमान में ग्राउंड के एक हिस्से में कुछ मिर्ची, भांटा, गोभी और आलू के पौधों के ठूंठ पड़े हुए हैं।
ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने बनाया गया है मिनी स्टेडियम
जानकारी के अनुसार भाजपा शासन काल में ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने अविभाजित कोरिया में दो दर्जन मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। ग्राम पंचायत बुढ़ार को आदर्श ग्राम का दर्जा मिलने के कारण स्टेडियम निर्माण की लागत अधिक थी। करीब ८० लाख खर्च कर निर्माण हुआ है। लेकिन ग्रामीण युवाओं को खिलाडिय़ों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। मिनी स्टेडियम को हैंडओवर करने के बाद चार साल में एक भी टूर्नामेंट नहीं हुआ है।
मुख्य सड़क मार्ग से एक किलोमीटर से अधिक दूरी, इसलिए ग्रामीण नहीं जाते खेलने
जानकारी के अनुसार मिनी स्टेडियम तक जाने के लिए बुढ़ार आश्रम के बगल से मुरुमीकृत सड़क बनाई गई है। जो मुख्य सड़क से एक किलोमीटर से अधिक दूरी होगी। इसलिए ग्रामीण और खिलाड़ी खेलने नहीं पहुंचते हैं। वहीं लावारिस छोडऩे के कारण समतलीकृत मैदान में बड़ी-बड़ी झाडिय़ां उगी हुई है। जिसे साफ नहीं कराने के कारण मैदान टूर्नामेंट कराने लायक नहीं है।
Published on:
15 Mar 2023 09:39 pm
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