बैकुंठपुर। विश्व आदिवासी दिवस पर बुधवार को जिला पंचायत ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में 294 हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र सहित कृषि सामग्री बांटी गई। मुख्यअतिथि संसदीय सचिव परसनाथ राजवाड़े ने कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य आदिवासी समाज को मान-सम्मान देने, आदिवासी संस्कृति को सहेजने के साथ उनके लिए न्याय और रोजगार के ज्यादा अवसर उपलब्ध कराना है। राज्य शासन और जिला प्रशासन के प्रयास से विश्व आदिवासी दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम हुआ। ताकि हमारे आदिवासी भाई-बहनों का सम्मान किया जा सके। दूरस्थ इलाकों में रह रहे लोगों तक भी शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं पहुंच सके और योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि आदिवासी हितों के लिए प्रतिबद्ध छत्तीसगढ़ सरकार ने साढ़े 4 वर्षों में कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रारंभ की है। कलक्टर विनय लंगेह ने कहा कि जिले में वर्ष 2019 से अबतक 4178 व्यक्तिगत, 986 सामुदायिक एवं 184 सामुदायिक वन संसाधन पत्र वितरण किया जा चुका है। 7681 हितग्राहियों को सिंचाई के लिए सबमर्सिबल सोलर पंप, किसानों को स्प्रिंकलर, मल्टीपरपज धन, गेहूं एवं मसाला पिसाई करने मिनी राइस मिल वितरण किया गया है। आज 294 हितग्राहियों को वन अधिकार पटटा एवं ऋण पुस्तिका वितरण किया गया है। इस दौरान कॉलेज और स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। साथ ही गोंड, उरांव, खैरवार, चेरवा, अगरिया, कोल, कंवर, समाज के प्रमुखों को सम्मानित किया।
इतने पट्टे और सामग्री वितरित
आदिवासी विकास विभाग द्वारा 294 हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टा, 283 हितग्राहियों को ऋण पुस्तिका, कृषि विभाग से 2 हितग्राहियों को इलेक्ट्रानिक पंप, 5 हितग्राहियों को रागी व 5 हितग्राहियों को कोदो मिनी किट, मछली पालन विभाग से 2 हितग्राहियों को आइस बॉक्स एवं जाल, उद्यानिकी विभाग से 20 हितग्राहियों को सब्जी मिनी किट वितरण, जिला वनोपज सहाकरी यूनियन से तेन्दुपत्ता बोनस वितरण किया गया। वहीं 17 हितग्राहियों को महेन्द्र कर्मा सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना छात्रवृत्ति, 212 हितग्राहियों को ऋण वितरण, जनपद बैकुंठपुर एवं सोनहत के 32 हितग्राहियों को भूमि समतलीकरण, डबरी निर्माण, परकोलेशन टेक निर्माण एवं भूमि समतलीकरण मेढ़ बंधान सह भूमि सुधार कार्य, डबरी निर्माण, मुर्गी शेड निर्माण के लिए 15 लाख 28 हजार राशि की स्वीकृति दी गई। इस दौरान संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव, जिपं उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी, वंदना राजवाड़े, सीइओ डॉ आशुतोष चतुर्वेदी, डीएफओ प्रभाकर खलखो, नीलम टोप्पो, अंकिता सोम, नजीर अजहर, योगेश शुक्ला, प्रदीप गुप्ता आदि मौजूद थे।