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Breaking News: स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव की मां का कॉर्डियक अरेस्ट से निधन, ब्लैक फंगस की भी थी शिकायत

Black fungus: कोरोना संक्रमित (Corona positive) होने के बाद हो गई थीं ठीक लेकिन अचानक आंख में आई थी परेशानी, एम्स रायपुर (AIIMS Raipur) में तोड़ा दम

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Black fungus

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मनेंद्रगढ़. कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस (Black Fungus) लोगों की जान लेने लगा है। यह काफी खतरनाक बीमारी है। 3 दिन के भीतर यदि इसका इलाज सही तरीके से नहीं हुआ तो मरीज की जान चली जाती है। इसी बीच मनेंद्रगढ़ निवासी एक महिला का कॉडियक अरेस्ट से निधन हो गया, उसे ब्लैक फंगस की भी शिकायत थी।

महिला स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के निजी सचिव की मां थीं। उन्हें उपचार के लिए एम्स रायपुर में दाखिल कराया गया था। इसी बीच ऑपरेशन की तैयारी करते समय अचानक उनकी मौत हो गई। महिला की मौत से मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में शोक की लहर है।

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कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ नगरपालिका के वार्ड क्रमांक 18 निवासी शलभ वर्मा स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव (Health Minister TS Singhdeo) के निजी सचिव हैं। उनकी 55 वर्षीय मां करूणा वर्मा कुछ दिनों पूर्व कोरोना से संक्रमित हुई थीं। कोरोना से जंग जीतने के बाद वे घर में ही थीं, इसी दौरान उनके आंख में कुछ परेशानी हुई।

इस पर उन्होंने मनेंद्रगढ़ के प्रभारी बीएमओ डॉ. विकास पोद्दार से संपर्क किया। बीएमओ ने ब्लैक फंगस (Black Fungus) की आशंका को देखते हुए उन्हें तत्काल एम्स रायपुर के लिए रेफर कर दिया। फिर उन्हें तत्काल एम्स में भर्ती कराया गया,

यहां वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज व ऑपरेशन की व्यवस्था की जा रही थी। इसी बीच अचानक उन्हें कॉर्डियक अरेस्ट आया और उनकी मौत हो गई।


परिजनों में शोक का माहौल
करूणा वर्मा की मौत की खबर जैसे ही उनके परिजनों व शहरवासियों को हुई, उनमें शोक का माहौल निर्मित हो गया। बताया जा रहा है कि वर्मा परिवार की शहर में एक अलग ही पहचान है। राजधानी में रहते हुए भी शलभ वर्मा ने शहर के कई गरीब असहाय व आम जनों को गंभीर से गंभीर बीमारियों में इलाज हेतु शासन स्तर पर समय-समय पर मदद की है। मां की असमय मृत्यु होने के बाद उनके परिवार व क्षेत्र में मातम पसरा है।

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डॉक्टर का ये कहना
बीएमओ डॉक्टर विकास पोद्दार का कहना है कि उक्त महिला का मेरे द्वारा ही डायग्नोसिस किया जा रहा था। ज्यादा शुगर होने की वजह से अक्सर इंफेक्शन बढ़ जाता है, हमारी मेडिकल टीम इस गंभीर बीमारी को लेकर काफी संजीदा है और हम इस रोग के संदिग्ध मरीजों पर नजर बनाए हुए है।

जैसे ही सस्पेक्टेड मरीजों की जानकारी लगती है वैसे उन्हें तत्काल मेकाहारा या ऐम्स में रेफर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस (Black Fungus) रोग का ट्रीटमेंट 2 माह का होता है। उन्होंने लोगों से इस रोग के प्रति एहतियात बरतने की भी अपील की है।

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