
Director and deputy director
बैकुंठपुर. कोरिया जिले में स्थित गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के सहायक संचालक चार दिन की तनख्वाह काटने और दो वेतनवृद्धि रोकने से नाराज होकर शनिवार को कार्यालय में ताला जड़कर गेट के पास बैठ गए। इस दौरान 13 कर्मचारी-अधिकारी कार्यालय के अंदर बंद रहे और करीब एक घंटे तक कोई भी बाहर नहीं निकल सका। मामले की जानकारी होने पर संचालक ने पंचनामा बनाकर ताला तुड़वाया। इसके बाद कार्यालय में आना-जाना शुरू हो गया।
ड्यूटी व कार्यालय से नदारद रहने के कारण गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के सहायक संचालक की जून महीने में 4 दिन की तनख्वाह काटकर 2 वेतनवृद्धि रोक दी गई है। मामले में सहायक संचालक ने कई बार पत्र व मौखिक रूप से लाभ दिलाने की गुहार लगाई थी। बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
इससे नाराज सहायक संचालक ने शनिवार करीब 1.30 बजे कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और गेट के पास ही बैठ गए थे। इस दौरान करीब 13 अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय के अंदर बंद रहे और कोई भी कहीं बाहर नहीं निकल सका था। सहायक संचालक का कहना है कि कोई कर्मचारी व अधिकारी किसी काम से बाहर जाना चाहते हैं तो उनके लिए ताला खोल दिया जाएगा। लेकिन संचालक को कहीं जाने नहीं दिया जाएगा।
मामले की जानकारी होने पर संचालक मुख्य द्वार के पास पहुंचे और पंचनामा बनाकर ताला को तोड़वा दिया। कार्यालय के मुख्य द्वार ताला जडऩे को लेकर संचालक और सहायक संचालक के बीच जमकर बहसबाजी हुई।
भड़के संचालक ने सहायक संचालक को खींचकर गेट तक लाया
कार्यालय के मुख्य द्वार ताला बंद करने की जानकारी मिलने के बाद संचालक पहुंचे। इस दौरान कार्यालय में कामकाज प्रभावित करने को लेकर संचालक जमकर भड़के और तत्काल सहायक संचालक के चेंबर में पहुंचे।
वहीं सहायक संचालक को फटकार लगाते हुए खींचकर मुख्य द्वार के पास ले गए और ताला तोडऩे के निर्देश दिए लेकिन सहायक संचालक ने ताला तोडऩे और चाबी देने से इनकार दिया।
मामले में कार्यालय के अंदर बंद कर्मचारियों का पंचनामा में हस्ताक्षर कराया और ताला को हथौड़ी से तोड़वा दिया गया। वहीं संचालक ने पंचनामा बनाने और ताला तोड़ते समय की फोटो खींचकर हायर कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी है।
ड्यूटी पर रहने के बावजूद काटा वेतन
संचालक ने मनमानी कर जून महीने में चार दिन अनुपस्थित लगाकर वेतन काट दिया गया है और दो वेतनवृद्धि के लाभ से वंचित कर दिया है। जबकि मैं ड्यूटी पर था। मामले में कई बार पत्र लिखकर व मौखिक रूप से लाभ दिलाने की गुहार लगाई है। बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। जिससे कार्यालय में ताला बंदकर विरोध किया गया।
आरके उरावं, सहायक संचालक गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुंठपुर
कलक्टर के निर्देश पर की गई है कार्रवाई
कलक्टर के निर्देश पर सहायक संचालक को ड्यूटी करने भेजा गया था, लेकिन ड्यूटी पर नहीं गए थे। जिससे कलक्टर के निर्देश पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। मनमानी का आरोप बिल्कुल गलत है।
एफ टोप्पो, संचालक गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुंठपुर
Published on:
25 Aug 2018 10:10 pm

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