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बरसात में बीमारियों का कहर… डेंगू के बाद अब उल्टी दस्त से गंवा रहे जान, अब तक इतनों की मौत

CG Health News : जिले के दूरस्थ पहुंचविहीन क्षेत्र बिहारपुर-चांदनी के लुल्ह में उल्टी दस्त से महिला की मौत हो गई, वहीं कई अन्य ग्रामीण भी पीड़ित हैं।

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डेंगू के बाद अब उल्टी दस्त से गंवा रहे जान

डेंगू के बाद अब उल्टी दस्त से गंवा रहे जान

सूरजपुर. CG Health News : जिले के दूरस्थ पहुंचविहीन क्षेत्र बिहारपुर-चांदनी के लुल्ह में उल्टी दस्त से महिला की मौत हो गई, वहीं कई अन्य ग्रामीण भी पीड़ित हैं। सूचना पर स्वास्थ्य अमला गांव पहुच कर उपचार जुटा हुआ है। दो सप्ताह से मौसमी बीमारियों का प्रकोप झेल रहे लुल्ह में रविवार को 50 वर्ष महिला फुलकुंवर चेरवा की मौत हो गई हैण् इससे 10 दिन पहले भी एक महिला की मौत हो गई थी।

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ग्रामीणों ने बताया कि मृतका को उल्टी दस्त था और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। दुर्गम व पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से स्वास्थ्य उपचार नहीं मिल पाया और न ही लाया जा सका, जिससे उसकी मौत हो गई। इधर महिला के मौत की सूचना पर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर शिविर लगाकर 42 ग्रामीणों का उपचार कियाऔर पर्याप्त मात्रा में मितानिन को दवा उपलब्ध करवा दी है। स्वास्थ शिविर के प्रभारी डॉ. बृजेश कुश्वाहा ने बताया कि गांव में मौसमी बीमारियां है जिसकी सतत निगरानी की जा रही है।

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इससे पहले भी गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया था। सोमवार को भी कैम्प लगाकर बीमार लोगों का उपचार किया गया है। अभी जिस महिला की मौत हुई है उसकी वजह हार्ट अटैक है। जबकि चिकित्सक व स्वास्थ्य विभाग के इस दावे के विपरीत लुल्ह गांव में दो सप्ताह से मौसमी बीमारियों का प्रकोप है, अब तक दो महिलाओ की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों की मौत उल्टी दस्त से हुई है। कई ग्रामीण जन प्रभावित भी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अपने दावे को मजबूत करने के लिए पंचनामा तैयार कर ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी करा लिए हैं।

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ये मांग अब तक नहीं हुई पूरीदुर्गम पहाड़ पर बसे एक दर्जन गांव सहित आसपास ग्रामों में बेहतर स्वास्थ सुविधा के लिए ग्रामीणों ने महुली उप स्वास्थ केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र बनाए जाने की मांग की थी। इस पर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने अमल करते हुये सर्वे कर कागजी कार्यवाही पूरी कर स्वीकृति के लिए भेज दिया था। लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नही मिल सकी है।

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शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं

लुल्ह गांव दुर्गम स्थल पर है। यहां अच्छी सड़क की सुविधा नहीं हैं, अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है। यहां रह रहे लोग कुएं, ढोढ़ी का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। बीमार होने पर ग्रामीण जड़ी-बूटी का सहारा लेते हैं। बहुत आवश्यक होने पर न तो यहां स्वास्थ्य अमला पहुंच सकता, न ही मरीज 25 किलोमीटर दूर बिहारपुर स्वास्थ केन्द्र पहुच सकता है।

2018 के विस चुनाव का किया था बहिष्कार

सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा पेयजल सहित अन्य जरूरी मुलभूत आवश्यकता को लेकर लुल्ह के ग्रामीणों ने 2018 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया था। ग्रामीणों की मांग थी कि सरकार यहां हमें जरुरी मुलभूत सुविधा प्रदान करे। इसके बाद भी इस गांव की न तो तकदीर संवरी और न ही तस्वीर। नेता, मंत्री, अधिकारी गांव पहुचकर वादे तो करते हैं और फिर उसे भूल जाते र्हें।