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संवेदनहीनता की हद : नेपाल के लकवा पीडि़त को एंबुलेंस से उतारकर सड़क किनारे फेंका

मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के एंबुलेंस स्टाफ ने गेज जलाशय के बेस वियर के पास अकेला छोड़ा, ग्रामीणों ने की सहायता

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Paralized man

Paralized man

बैकुंठपुर. मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में करीब डेढ़ महीने से भर्ती नेपाल निवासी लकवा पीडि़त मरीज को प्रबंधन द्वारा एंबुलेंस से अस्थायी घर तक छोडऩे कहा गया था। इधर एंबुलेंस स्टाफ द्वारा उसे बैकुंठपुर के गेज जलाशय के बेस वियर के पास फेंक दिया गया। ग्रामीणों की नजर पडऩे पर उसे स्कूल में रखा गया। सूचना पर पहुंची पटना पुलिस ने आधी रात को जिला अस्पताल बैकुंठपुर में भर्ती कराया है।


नेपाल निवासी विजय बहादुर सिंह को करीब डेढ़ महीने पहले लकवाग्रस्त हो गया था। उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में भर्ती कराया गया था। मरीज की हालत में कोई सुधार नहीं होने पर मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर कर दिया था। करीब डेढ़ महीने तक अंबिकापुर में विजय बहादुर का उपचार किया गया।

बावजूद उसकी सेहत में कोई सुधार नहीं हो सका। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर द्वारा एंबुलेंस के माध्यम से गुरुवार को उसे बैकुंठपुर के दूधनियापारा भेजा गया। लेकिन एंबुलेंस के चालक और मेडिकल तकनीशियन ने विजय बहादुर को उसके गांव तक छोडऩे की बजाय गेज बांध के बेस वियर के पास फेंक दिया था।

इससे मरीज करीब एक घंटे तक जमीन पर पड़ा रहा। पीडि़त की गुहार सुनने पर करीब 4-5 बजे के बीच ग्रामीण पहुंचे और मरीज को स्कूल परिसर में सुरक्षित रख दिया। मामले में पटना पुलिस को जानकारी मिलने पर लकवा मरीज को आधी रात को जिला अस्पताल बैकुंठपुर भर्ती कराया गया है।


मजदूर था, मरीज का कोई रिश्तेदार भी नहीं
नेपाल निवासी विजय बहादुर करीब 15 साल पहले बैकुंठपुर आया था। इस दौरान गेज जलाशय निर्माण में मजदूरी करता था। वर्तमान में अलग-अलग स्थानीय ठेेकेदार के पास काम कर गुजर-बसर करता था। उसका कोई स्थानीय पता-ठिकाना नहीं है। जिस ठेकेदार के पास काम करता है, उसी के गोदाम में रहता है।

दुधनियाकला में अस्थायी निवासरत था मरीज
नेपाल निवासी लकवा मरीज विजय ने बताया कि उसका कोई परिवार व रिश्तेदार नहीं है। अकेला ही रहकर मजदूरी करता है और दुधनियाकला गांव में अस्थायी रूप से निवासरत है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने एंबुलेंस से दुधनियाकला गांव पहुंचाने भेजा था। लेकिन एंबुलेंस के स्टाफ गेज जलाशय के बेस वियर के पास ही उतार कर चले गए। ग्रामीणों की नजर पडऩे पर भोजन, पानी की व्यवस्था कर स्कूल परिसर में रखा था।


अस्पताल में कराया गया है भर्ती
लकवा मरीज को सड़क किनारे उतारने की जानकारी मिली थी। मामले में दल-बल के साथ दुधनियाकला गांव पहुंचे। इस दौरान मरीज स्कूल परिसर में मिला था, जिसे जिला अस्पताल बैकुंठपुर में भर्ती कराया गया है।
आनंद सोनी, थाना प्रभारी पटना