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क्लोनिंग चेक: सरकारी चेक सोशल मीडिया में वायरल हुआ, फिर जिला प्रशासन के खाते से 1.29 करोड़ राशि निकाली थी

फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर एकता कपूर की कंपनी से ३.३० करोड़ का फ्रॉड कर चुका है गिरोह, कोरिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली, चार नए और आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।

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क्लोनिंग चेक: सरकारी चेक सोशल मीडिया में वायरल हुआ, फिर जिला प्रशासन के खाते से 1.29 करोड़ राशि निकाली थी,क्लोनिंग चेक: सरकारी चेक सोशल मीडिया में वायरल हुआ, फिर जिला प्रशासन के खाते से 1.29 करोड़ राशि निकाली थी



बैकुंठपुर। कोरिया जिला प्रशासन के खाते से १.२९ करोड़ क्लोनिंग चेक से निकालने वाले गिरोह के चार नए सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह बॉलीवुड की प्रोड्यूसर-डायरेक्टर एकता कपूर की कंपनी बालाजी टेलीफिल्म मुंबई के खाते से ३.३० करोड़ का फ्रॉड कर निकाल लिया था। मामले में कुल ११ आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और दो आरोपी की तलाश जारी है। वहीं एक आरोपी मुंबई पुलिस के कब्जे से लाया जाना है।
एसपी पी ठाकुर, एएसपी मधुलिका सिंह ने शुक्रवार को पुलिस लाइन कांफ्रेंस हाल में प्रेसवार्ता कर बताया कि कार्यवाही में ज्ञात हुआ कि ओमप्रकाश, अनिल श्रीवास्तव, सचिन प्रकाश शिरोडकर, जयप्रकाश यादव, हिमांशु तनेजा, शुभम तनेजा, सैन्की उर्फ योगेश धरानी जाकिर सफी शेख फर्जी खाता धारक दिवान सिंह पारते और मुम्बई निवासी अतीश गायकवाड़, आदित्य नन्दु गायकवाड़, तुषार प्रकाश सालवे, अजमत ताज, नगमी परवीन, मो आरिफ , मो नईम मिलकर फर्जी चेक बनाकर पैसा निकालने का काम करते थे। प्रकरण में ओमप्रकाश, सचिन तथा जयप्रकाश गुगल इंटरनेट सोशल मीडिया के माध्यम से देश के बड़े-बड़े फर्म, शासकीय कार्यालय का चेक निकालते थे। सचिन कम्प्यूटर में फर्जी चेक, फर्जी हस्ताक्षर एवं फर्जी सील तैयार करता था। चेक लगने वाले खातों की जानकारी ओमप्रकाश, जय प्रकाश निकालते थे। चेक तैयार कर जाकिर सफी शेख मुम्बई के विभिन्न बैंक के ब्रांचों में रकम पता कर बैकों में चेक लगाता था। फर्जी चेक से पैसा हस्तांतरण करने के लिए हिमांशु, सैन्की, शुभम, दिवान सिंह पारते मिलकर गुडग़ांव में करीब दस-पन्द्रह अलग-अलग बैंकों में दिवान सिंह पारते के नाम से खाता खुलवाया था। गुडग़ांव में ही अक्षर पवेलियिन सीएचएसएल नाम से एक पेंट का दुकान खोले और मुम्बई के अतीश, आदित्य तथा तुषार सालवे द्वारा अतीश के नाम से खुला हुआ खाता को फर्जी चेक के पैसा आहरण करने के लिए उपयोग में लाने लगे थे। गिरोह ने लगभग 4-5 माह पहले सोशल मीडिया से बैकुंठपुर कलेक्टर कार्यालय का चेक निकाल लिया और उस चेक को कूटरचित चेक तैयार कर जाकिर शफी शेख क्लियर करने लगाने लगा। जिसका पैसा दिवान पारते के खाते तथा अक्षर पवेलियन दुकान फर्म के खाते एवं अंतिश मुम्बई वाले के खाते में हस्तांतरण कराते थे। फिर दूसरे खाते में हस्तांरित कर एटीएम तथा सामान खरीददारी के माध्यम से दिल्ली, गुडग़ांव तथा पटना से अजमत ताज, मो आरिफ , मो नईम तथा उसकी पत्नी नगमी परवीन निकालने लगे थे। पैसा निकालकर आपस में हिस्सा बांट लेते थे। चार नए आरोपियों से पूछताछ कर मेमोरण्डम के आधार पर खाता, एटीएम, मोबाइल एवं राशि से खरीदी कार हॉण्डा सिटी एवं आई-20 कार एवं नकदी रकम 260000 रुपए सहित कुल जुमला लगभग 1000000 रुपए जब्त किया गया हैं। प्रकरण का एक आरोपी सचिन प्रकाश शिरोडकर को मुम्बई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं दो फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

ये हैं चार नए आरोपी
-ओमप्रकाश अनिल कुमार श्रीवास्तव पिता अनिल कुमार श्रीवास्तव(40) फ्लैट-102 रश्मि दुविता पार्क नाला सोपारा न्यु लिंक रोड वसई ईस्ट थाना नालासोपारा जिला पालघर महाराष्ट्र।
- जाकिर सफी शेख पिता सफी शेख(40)फ्लैट 10-11 बिल्ंिडग नम्बर 202/228 दिल्ली दरबार के सामने पीबी मार्ग मुम्बई-4 थाना ग्रेन्टरोड जिला मुम्बई महाराष्ट्र।
-शुभम तनेजा पिता सुरेन्द्र तनेजा(28)मकान-316 डोगरा मोहल्ला थाना मुल्तानी पुलिस थाना जिला हिसार हरियाणा।
-सैन्की उर्फ योगेश धरानी पिता रोशन लाल धरानी(३३) 657/27 गली-008 मदनपुरी थाना न्यु कालोनी पुलिस थाना जिला गुडग़ाव हरियाणा।

यह है पूरा मामला
प्रार्थी संयुक्त कलेक्टर अनिल कुमार सिदार ने 13 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि 22 मार्च से 13 अप्रैल 2022 के मध्य कलेक्टर कार्यालय नाजारत शाखा के लगभग 21 चेक को क्लोनिंग कर अलग-अलग राशि का चेक मुम्बई स्थित विभिन्न बैंक के ब्रांच में कोर बैंकिंग से क्लीयरिंग कराई गई है। आरोपी अतीश सुभाष गायकवाड़ बुद्धनगर आजादनगर थाना उल्हासनगर-2 जिला थाणे महाराष्ट्र, अक्षर पवेलियन कंपनी तथा दीवान सिंह पारते निवासी गुडग़ांव के खातों में एक करोड उन्नतीस लाख कूटरचना कर आहरण कर लिया गया है। मामले में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विशेष टीम गठित कर तत्काल दिल्ली, मुम्बई तथा पटना बिहार के लिए रवाना किया गया था।

इतने बड़े फ्रॉड कर चुके हैं
-वर्ष 2011 में मुम्बई स्थित बालाजी टेलीफिल्म कंपनी के चेक से लगभग 33000000 रुपए आहरण।
-वर्ष 2020 में राजस्थान में 2000000 रुपए, लखनऊ उत्तरप्रदेश में वर्ष 2021 में लगभग 6200000 रुपए आहरण।
- गुजरात में 900000 रुपए का फर्जी चेक तैयार कर खातों से पैसा आहरण।

सात आरोपी पहले ही गिरफ्तार
एसपी ठाकुर ने बताया कि प्रकरण में सात आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसमें फर्जी खाता धारक आरोपी अतीश सुभाष गायकवाड़, आदित्य नन्दू गायकवाड़, दीवान सिंह पारते, मो आरिफ, मो नईम, अजमत ताज, उसकी पत्नी नगमी परवीन शामिल हैं। सभी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर पहले ही भेज चुके हैं। कार्यवाही में थाना प्रभारी चरचा अनिल कुमार साहू, थाना प्रभारी बैकुठपुर अश्वनी सिंह, थाना प्रभारी मनेन्द्रगढ़ सचिन सिंह, थाना प्रभारी पटना सौरभ द्विवेदी, साइबर सेल की संयुक्त टीम शामिल है।

चेक प्रेसेंटिंग क्लेम: स्टेट बैंक ने प्रशासन के खाते में १.२९ करोड़ राशि जमा कराई
जिला प्रशासन ने पिछले महीने क्लोनिंग चेक के माध्यम से फर्जी लेन-देन में बड़ी सफलता मिली है। जिला प्रशासन की कार्रवाई और चौकसी से पूरी राशि रिकवर हुई है। स्टेट बैंक ने 19 मई को कलेक्टर कार्यालय के नाजरात शाखा के खाता में भुगतान करा दिया है। जिला प्रशासन द्वारा बैंक के साथ समंवय कर 21 चेक के आहरण की सूचना मिलते ही समाशोधन की कार्यवाही की। हालाकि मामला उजागर होने के बाद 14 अप्रैल को 29 लाख 27 हजार 961 रुपए के 3 चेक आहरण पर रोक लगाया और शाखा के खाते में रिकवर कराई गई। शेष राशि की रिकवरी के लिए प्रक्रिया जारी रही। आरबीआई के नियमानुसार चेक प्रेसेंटिंग बैंक से क्लेम कर रकम का भुगतान शाखा के खाते में कराया जाना था। मामले में प्रशासन ने कार्यवाही जारी रखी और निकली राशि बैंक से नाजरात शाखा के खाते में रिकवर कर ली गई है।


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