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RAGGING व अभद्र व्यवहार पर NAVODAYA VIDYALAYA की छात्राओं ने किया हंगामा

बैकुंठपुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय की बालिकाओं ने लगाया आरोप, बताया जा रहा कि शिक्षक दंपती ने उकसाया था छात्राओं को

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Pranayraj rana

Apr 11, 2016

Navodaya Girls Students

Navodaya Girls Students

बैकुंठपुर.
जवाहर नवोदय विद्यालय की जूनियर स्टूडेंट्स ने रैगिंग व वाइस प्रिंसिपल के दुव्र्यवहार सहित अन्य आरोप लगाकर रविवार की रात हंगामा कर दिया। जूनियर हॉस्टल में रहने वाली सभी स्टूडेंट्स ने करीब एक घंटे तक हॉस्टल से बाहर निकलकर परिसर में हंगामा किया। विद्यालय प्रबंधन की समझाइश पर स्टूडेंट्स मान गए और मामला शांत हुआ। प्रबंधन का कहना है कि विद्यालय के कुछ शिक्षकों के उकसाने व बहकावे में आकर बच्चियां हंगामा कर रही थीं।


केनापारा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में रविवार की शाम करीब 7-8 बजे के बीच जूनियर हॉस्टल में रहने वाली सभी स्टूडेंट्स ने हंगामा कर दिया। स्टूडेंट्स ने करीब एक घंटे तक हंगाम किया और हॉस्टल में जाने से इंकार कर दिया था। विद्यालय प्रबंधन ने समझाने पर मामला शांत हुआ।


स्टूडेंट्स का कहना है कि हॉस्टल में रैगिंग, एक बेड में दो स्टूडेंट को सोना पड़ रहा है। वहीं वाइस प्रिंसिपल बच्चों से दुव्र्यवहार करती हैं। इसके अलावा हॉस्टल के बालकनी व छत में जाने नहीं दिया जाता है। स्टूडेंट्स ने वाइस प्रिंसिपल सौपना घोषाल पर कुछ बच्चों से मारपीट करने का भी आरोप लगाया है।


वहीं विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि ही एक शिक्षक दंपती के उकसाने व बहकावे मेंं आकर जूनियर बच्चियां हंगामा कर रही थीं। मामले में समझाने के बाद सभी बच्चियां शात हो गईं। वहीं सीनियर बच्चों को किसी प्रकार की शिकायत नहीं है। हंगामा में सीनियर बच्चे शामिल नहीं हुए थे।


मौके पर पहुंची थी पुलिस

नवोदय विद्यालय में स्टूडेंट्स के हंगामा करने की सूचना मिलते ही तत्काल सिटी कोतवाली पुलिस दल-बल के साथ पहुंची थी। विद्यालय प्रबंधन की समझाइस के बाद मामला शांत हो गया और पुलिस भी लौट गई।


स्टूडेंट्स का यह है आरोप

वाइस प्रिंसिपल बच्चों से मारपीट व गाली गलौज करती हैं।

हॉस्टल में एक बेड में दो बच्चियों को सोना पड़ता है।

बालकनी व छत में बच्चियों को जाने नहीं दिया जाता है।

बालिकाओं के साथ भेदभाव और सूट पहनने नहीं दिया जाता है।

बच्चियों पर कमेंट्स करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।


सुरक्षा के लिए अनुशासन में रहना जरूरी

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार बच्चियों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे मेट्रन की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा वाइस प्रिंसिपल जूनियर व सीनियर बच्चों की लगातार देखरेख करती हैं। हॉस्टल में ही बच्चियों के साथ रहती हैं। बच्चियों की सुरक्षा के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। ताकि बच्चियों के साथ किसी प्रकार की कोई घटना न होने पाए। नियमों का पालन करने में कुछ कड़ाई की जाती है। वहीं कुछ शिक्षकों के उकसाने व बहकावे में आकर भोलीभाली बच्चियां हंगामा कर रही थीं।

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