
15 एकड़ में 1000 हाइब्रिड नारियल, 700 तेजपत्ती-काली मिर्च लगाए, सिंचाई सिस्टम फेल हुआ!
बैकुंठपुर/बरबसपुर। फूलपुर के ग्राम शंकपुर में १५ एकड़ में १७०० उन्नत प्रजाति के नारियल, कालीमिर्च व तेजपत्ती के पौधे लगाए गए हैं। लेकिन बंजर(उबड़-खाबड़) भूमि होने और सिंचाई के अभाव में पौधे मरने लग गए हैं। वहीं प्रोजेक्ट स्थल पर कुछ ही पौधे नजर आ रहे हैं और सिंचाई सिस्टम से लगी पाइपलाइन सहित अन्य सामग्री बेकार पड़ी है।
वर्ष २०२१ में मनरेगा मद से औषधीय पौधे के साथ नारियल रोपण इंटरक्रॉपिंग कार्य कराने १३.१९ लाख की मंजूरी मिली थी। जिसमें ९.६३ लाख सामग्री व ३.५५ लाख श्रमिकों पर खर्च हुआ। कृषि विज्ञान केंद्र सलका की देखरेख में पिछले साल नारियल की दो उन्नत प्रजाति मलेशियन ग्रीन डॉर्फ और मलेशियन ऑरेंज डॉर्फ के १००० पौधे मंगाए गए थे। कृषि मंत्रालय भारत सरकार के स्थापित कोंडागांव नारियल विकास बोर्ड की नर्सरी से लाने के बाद उन्नत प्रजाति के नारियल पौधे रोप दिया गया है। लेकिन सिंचाई के लिए समुचित साधन नहीं बना पाए हैं। मजदूर लगाकर बड़े एरिया में फैले बगान में जैसे-तैसे सिंचाई करवाते हैं। नारियल के पौधों में ३-४ साल में फल लेने का प्रोजेक्ट बनाया गया है। वहीं ३०० तेजपत्ती व ४०० कालीमिर्च के पौधे लगाए गए हैं। वर्तमान धरातल पर गिनती के पौधे नजर आ रहे हैं। वहीं परिसर में चारों ओर खरपतवार अधिक मात्रा में उग गए हैं।
ये उत्पाद बनाने की तैयारी थी
कोरिया में नारियल उत्पादन को प्रोत्साहित करने की योजना है। एक्सपर्ट का दावा है कि इसमें थोड़ा समय लगेगा, लेकिन नारियल के उत्पादन का प्रयोग सफल होने पर किसानों के जीवन में बदलाव आएगा। नारियल से चिप्स, दूध, शक्कर, पानी, डाब, शहद, गुड़, मिल्क शेक, तेल व अन्य उत्पाद किसान उत्पादक समूह के माध्यम से तैयार कराया जाएगा। ग्राम पंचायत फूलपुर मध्यम सिंचाई परियोजना झुमका जलाशय के नजदीक है। जिससे नारियल की खेती की संभावना है। लेकिन सिंचाई के लिए लगे सिस्टम फेल हो चुका है।
चार साल बाद फल, एक पौधे से ५०-६० फल लेने का दावा
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नारियल की दो उन्नत प्रजाति मलेशियन ग्रीन डॉर्फ और मलेशियन ऑरेंज डॉर्फ के १००० पौधे मंगाए गए थे। नारियल के पौधों में ३-४ साल बाद फल लगता है। एक पौधे से सालभर में औसत ५०-६० फल मिलने की उम्मीद है। नारियल उत्पादन करने के लिए एक बार निवेश करना होगा। पेड़ तैयार होने के बाद करीब 60 साल तक फल मिलता रहेगा।
Published on:
26 Feb 2023 08:41 pm
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