
Water from river
सोनहत. कोरिया जिले के वनाचंल में स्थित आधा दर्जन गांव में पानी की भारी किल्लत होने लगी है। ऐसे में यहां के लोग नाले का पानी पीने को विवश हैं। इन गांवों की महिलाएं-बच्चियां अपने सिर पर डिब्बा-स्टील की टंकी लेकर 2-2 किलोमीटर सफर करती हैं और ढोढ़ी-नदी-नाले से पानी कर लाती हैं। बावजूद शासन व प्रशासनिक अमला ग्रामीण अंचल में पानी की समुचित व्यवस्था करने में कोई पहल नहीं कर रहा है।
सोनहत विकासखंड दुरस्थ ग्राम सलगवांखुर्द, धनपुर, कुर्थी, आनंदपुर, गोइनी, सीतापुर, पंडोपारा, सिंघोर घनघोर जंगल के बीच बसा है। गांव में पहुंचने के लिए सुगम साधन उपलब्ध नहीं है। उबड़-खाबड़ रास्ते से होकर बड़ी मुश्किल से गांव पहुंचा जा सकता है। यही कारण है कि गांवों में प्रशासनिक अधिकारी बहुत ही कम पहुंचते है।
इससे गांव में पेयजल, बिजली, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं है। धनपुर में 8 हैंडपंप लगे हंै, जिसमेंं दो बिगड़े पड़े हैं और 4 हैण्डपंप से लाल पानी निकलता है। इससे ग्रामीण महिलाएं सुबह से पानी की व्यवस्था में जुट जाती हैं और दो-दो किलोमीटर दूरी तय कर प्रतिदिन पेयजल की व्यवस्था करती हैं।
नाला-छोटी नदी के किनारे गड्ढा बनाया
अल्पवर्षा होने के कारण सोनहत के ग्रामीण अंचल में जल स्तर गिरने लगा है। जिससे फरवरी महीने में ही गांव के कुएं का जल स्तर काफी नीचे चला गया है। साथ ही हैंडपंप भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
भीषण गर्मी में प्रतिदिन पेयजल के लिए सफर तय करना पड़ रहा है। महिलाएं सुबह शाम लंबी दूरी तय करती हैं। कहीं नाले का गंदा पानी तो कहीं ढोढ़ी का पानी को मजबूर हैं। कुछ जगह नाला-छोटी नदी के किनारे गडï्ढा खोदकर पेयजल का जुगाड़ करते हैं।
नाले का पानी पीकर पड़ सकते हैं बीमार
ग्राम धनपुर में पेयजल की भारी परेशानी है। लोगों को दो किलोमीटर का सफर कर ढोढ़ी का पानी लाना पड़ रहा है। अधिकांश हैंडपंप खराब है। इससे ग्रामीण ढोढ़ी एवं नाले का पानी पी कर बीमार पड़ सकते हैं। प्रशासन को संज्ञान लेकर हैंडपंप की मरम्मत करानी चाहिए।
लव प्रताप सिंह, ग्रामीण
Published on:
07 May 2018 04:25 pm
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