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मनरेगा फर्जी मस्टररोल: तत्कालीन उपसंचालक कृषि पर एक हजार जुर्माना, दो लाख रिकवरी होगी

लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण मनरेगा रायपुर का फैसला, सर्वेयर व मेट को दोषमुक्त करने अनुशंसा।

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मनरेगा फर्जी मस्टररोल: तत्कालीन उपसंचालक कृषि पर एक हजार जुर्माना, दो लाख रिकवरी होगी

मनरेगा फर्जी मस्टररोल: तत्कालीन उपसंचालक कृषि पर एक हजार जुर्माना, दो लाख रिकवरी होगी


बैकुंठपुर। लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण मनरेगा रायपुर ने फर्जी मस्टररोल से सरकारी राशि हजम करने वाले मामले में तत्कालीन कृषि उपसंचालक हरिसिंह राजपूत से २०१६९६ रुपए रिकवरी और १००० रुपए जुर्माना लगाया है। वर्तमान में गौरेला पेण्ड्री मरवाही में कार्यरत हैं।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2013-14 में ग्राम पंचायत जिल्दा में अर्जुन पौध नर्सरी कार्य मनरेगा मद से १६ लाख काम कराने स्वीकृति मिली थी। इस दौरान एजेंसी ने मनमाने तरीके से अधूरा काम कराया और सरकारी राशि का बंदरबांट किया था। वहीं निर्माण एजेंसी ने अर्जुन बीज खरीदी का बिल व्हाउचर अम्बिका बीज भण्डार सदर रोड अम्बिकापुर का लगाया गया। 15 मई 2013 को एक बिल 44000 रुपए एवं दूसरा बिल 49500 रुपए का लगाया है। 15 अगस्त 2013 को अम्बिकापुर बीज दुकान से अर्जुन बीज खरीदी की गई थी। वहीं फर्जी मस्टरोल से हाजिरी भरी और सरकारी राशि डकारी गई थी। मामले में आरटीआई कार्यकर्ता रामप्रताप साहू ने लोकपाल कोरिया, लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण मनरेगा रायपुर को शिकायत सौंपी थी। प्रकरण में आवेदक ने मस्टररोल प्रस्तुत की थी। मामले में लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण मनरेगा रायपुर ने सुनवाई की। जिसमें बिल नम्बर 55, पृष्ठ संख्या 202 में मनीराम एवं कंचनिया की फर्जी हाजिरी 7-7 दिन का अंकित होना पाया गया है। मस्टररोल में दोनों के हस्ताक्षर अंकित नहीं हैं। इसी मस्टररोल पृष्ठ संख्या 145 में 10 मजदूरों का फर्जी हाजिरी भरा जाना पाया गया है। इस मस्टररोल का किसी भी मजदूर का हस्ताक्षर अंकित नहीं है। इसी मस्टररोल में मजदूरों की 7-7 दिन की हाजिरी भरा गया है। जबकि सप्ताह में सात दिन में एक दिन अवकाश रहता है। सप्ताह में 6 दिन ही काम कराए जाने का नियम है। मस्टररोल पृष्ठ संख्या 140, 99, 55, 153, 101, 226 में मनीराम, कंचनिया तथा मस्टररोल पृष्ठ संख्या 166, 235 में कंचनिया मस्टररोल पृष्ठ संख्या 180, 249 में लक्ष्मीबाई, सीताकुंवर एवं मस्टररोल पृष्ठ संख्या 64, 144, 259, 261, 262, 208 में मजदूरों के हस्ताक्षर अंकित नहीं है। मामले में मस्टररोल में फर्जी हाजिरी भरकर शासकीय राशि गबन करना पाया गया है। मामले में लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण मनरेगा रायपुर ने तत्कालीन कृषि उपसंचालक हरिसिंह राजपूत से अर्जुन बीज खरीदी की राशि ९३५०० रुपए, फर्जी मस्टर से गबन राशि १०८२९६ रुपए सहित कुल २०२६९६ रुपए वसूली कर मनरेगा खाता में जमा कराने और १००० रुपए जुर्माना लगाने आदेश पारित किया गया है। वहीं आरके वैष्णव सर्वेयर, श्रवण कुमार मेट को दोषमुक्त करने अनुसंशा की गई है।

कोरिया लोकपाल से पांच बार नोटिस जारी, कृषि उपसंचालक हाजिर नहीं हुए थे, अवमानना माना गया
लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण मनरेगा रायपुर के पारित आदेश में उल्लेख है, कि लोकपाल कोरिया द्वारा मामले में अनावेदक उपसंचालक कृषि हरिसिंह राजपूत को पांच बार नोटिस जारी किया गया था। बावजूद अनावेदक उप संचालक एक बार भी कार्यालय में उपस्थित नहीं हुआ। बार-बार नोटिस देने पर भी कार्यालय में उपस्थित नहीं होकर लोकपाल कार्यालय की अवमानना की गई है। बावजूद लोकपाल कोरिया द्वारा अनावेदक हरिसिंह राजपूत को दोषमुक्त करना संदेह प्रदर्शित करता है। अनावेदक द्वारा पत्र के माध्यम से संदर्भ में जवाब पेश किया है। जिसका लोकपाल कोरिया द्वारा अवार्ड में उल्लेख नहीं कर अनदेखा किया गया है। वहीं अनावेदक द्वारा अपने जवाब में कहीं भी अपीलार्थी आरके वैष्णव सर्वेयर एवं मेट श्रवण कुमार का उल्लेख नहीं किया गया है। बावजूद लोकपाल कोरिया द्वारा अनावेदक हरिसिंह को दोषमुक्त कर अपीलार्थीगण को दोषी मानकर उनके विरूद्ध राशि वसूली एवं अपराधिक प्रकरण दर्ज कराए जाने की अनुशंसा किया गया था।