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Patrika Exclusive: एसइसीएल की सलाह दरकिनार, चिरमिरी में ”आग” के ऊपर चौपाटी बसाने की तैयारी

36 लाख से निर्माण, नजदीक में फायर जोन, स्थल असुरक्षित है, मनमाने तरीके से एसइसीएल की लीज वाली जमीन पर अवैध कब्जा कर चौपाटी निर्माण का मामला।

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Patrika Exclusive: एसइसीएल की सलाह दरकिनार, चिरमिरी में ''आग'' के ऊपर चौपाटी बसाने की तैयारी

Patrika Exclusive: एसइसीएल की सलाह दरकिनार, चिरमिरी में ''आग'' के ऊपर चौपाटी बसाने की तैयारी




बैकुंठपुर/चिरमिरी पोड़ी।नगर निगम चिरमिरी मनमाने तरीके से आग प्रभावित(भसका क्षेत्र) फायर जोन में ३६ लाख की लागत इको फ्रेंडली चौपाटी बसाने की तैयारी में जुटा है। निर्माणाधीन चौपाटी से करीब १००-२०० मीटर दूर आग प्रभावित हल्दीबाड़ी स्थित है। जहां दो साल पहले करीब १०० मीटर जमीन पर लंबी दरार पड़ी थी। मामले में रातोंरात ३९ परिवारों को सरस्वती शिशु मंदिर में शिफ्ट किया गया था। भारतीय स्टेट बैंक प्रबंधन ने जमीन फटने के बाद खतरे को भांपकर अपना ब्रांच हटा लिया है। एसइसीएल के फायर जोन में अतिक्रमण कर चौपाटी बनाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि एसइसीएल की ओर से नगर निगम को ऐसा नहीं करने को लेकर आधा दर्जन चि_ी लिख चुका है। बावजूद नगर निगम ने अपने काम पर रोक नहीं लगाया है और न ही एसइसीएल प्रबंधन कोई कार्रवाई कर पाया है।

माइंस में १९ साल पहले आग लगी थी, इसी इलाके में दो साल पहले जमीन फटी थी
मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले का यह इलाका फायर जोन में आता है। जहां नगर निगम चौपाटी निर्माण करा रहा है। स्थानीय जानकार कहते हैं कि एसइसीएल कुरासिया अंडरग्राउंड माइंस में वर्ष २००४ में आग लगी थी। जिसे आनन-फानन में सुरक्षा के मापदंड को दरकिनार करने के बाद बंद कराया गया था। रेत फिलिंग की बजाय सिर्फ मुहाने को ईंट से जोड़ाई कराई गई थी। जिससे माइंस में आग धधक रही है। जिसने डेढ़-दो किलोमीटर एरिया को अपनी चपेट में ले लिया है। आग के कारण ही दो साल पहले फरवरी २०२१ में फायर जोन एरिया की जमीन फटने से ३९ परिवारों को कब्जा हटाने नोटिस जारी किया गया था। बावजूद लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर आज तक रह रहे हैं। एसइसीएल ने हल्दीबाड़ी में जमीन पर दरार पडऩे के बाद एरिया को डेंजर जोन(भसका क्षेत्र)घोषित कर दिया है। डेंजर जोन में तीसरी बार जमीन फटने की घटनाएं हो चुकी है। इस डेंजर जोन से चौपाटी की दूरी १००-२०० मीटर है।

नगर निगम को आधा दर्जन चि_ी लिख चुका है एसइसीएल
जानकारी के अनुसार एसइसीएल की लीज जमीन में ४० डिसमिल पर अवैध कब्जा कर ईको फ्रेंडली चौपाटी निर्माण कराया जा रहा है। यह एरिया बड़ी बाजार और हल्दीबाड़ी के बीच स्थित है। जिसमें मनोरंजन, बस स्टॉपेज, सेल्फी प्वाइंट बनाने की तैयारी है। लेकिन चौपाटी से कुछ दूरी पर दो साल पहले जमीन फटी थी। एसइसीएल-नगर निगम दर्जनों घर को खाली कराने नोटिस जारी किया था। फिलहाल चौपाटी निर्माण को लेकर एसइसीएल प्रबंधन आधा दर्जन चि_ी लिखकर बार-बार आगाह कर रहा है, कि नजदीक में फायर एरिया है। चौपाटी निर्माण स्थल सुरक्षा की दृष्टिकोण से असुरक्षित है। एसइसीएल ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखा है। जिसमें उल्लेख है कि कालीबाड़ी के पास अवैध निर्माण(प्रस्तावित चौपाटी) को बंद करने सूचित किया गया है। उसी स्थल पर भविष्य में कोयला उत्खनन कार्य होना है और यह एरिया सुरक्षा की दृष्टिकोण से असुरक्षित है। माइंस के जानकार बताते हैं कि कुरासिया अंडरग्राउंड माइंस में चौथा, पांचवां सिम कोयला शेष है। मामले में एसइसीएल ने चौपाटी स्थल के आसपास में ओपन कास्ट माइंस लगाने प्रोजेक्ट तैयार कर भेज चुका है।

चौपाटी निर्माण की जानकारी मुझे मिली है। जिसकी जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
नवनीत श्रीवास्तव, महाप्रबंधक एसइसीएल चिरमिरी

मुझे इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं है। निगम के अधिकारियों से चर्चा करने के बाद बेहतर बता पाउंगी।
लविना पांडेय, आयुक्त नगर निगम चिरमिरी