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प्राइवेट गाडिय़ों में सायरन और हूटर लगाकर चलने वालों की खैर नहीं, सिर्फ ये कर सकते हैं उपयोग

Sirens and hooters: आरटीओ ऑफिसर ने बताया कि झारखंड से रजिटर्ड गाडिय़ों को सिर्फ एक साल छत्तीसगढ़ में चलाने का नियम, फिर यहां रजिस्ट्रेशन कराना है जरूरी, शराब पीकर वाहन चलाने वालों का लाइसेंस भी होगा निरस्त

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Sirens and hooters

बैकुंठपुर. Sirens and hootersशराब पीकर स्कूल बस या वैन चलाने वाले ड्राइवरों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। बिना फिटनेस भी वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्राइवेट गाडिय़ों में सायरन-हूटर (Sirens-hooters) लगाने का नियम नहीं है। सिर्फ एंबुलेंस, पुलिस या पेट्रोलिंग गाडिय़ों में सायरन एलाउ है और वे लगा सकते हैं। चेकिंग के दौरान कभी भी पकड़ाने पर उतारा जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। ये बातें पत्रिका से बातचीत के दौरान जिला परिवहन अधिकारी अनिल भगत (RTO) ने कही।


जिला परिवहन अधिकारी भगत ने कहा कि झारखंड से रजिस्टर्ड गाडिय़ां सिर्फ एक साल से कोरिया सहित छत्तीसगढ़ में चल सकती हैं। एक साल बाद झारखंड से एनओसी लेकर छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। नियम के अनुसार एक साल बाद सरकारी विभाग या प्राइवेट उपयोग करना बिल्कुल गलत है।

परिवहन विभाग की जांच में ऐसा पाए जाने पर गाड़ी मालिक के खिलाफ कार्रवाई व जुर्माना वसूल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शराब पीकर स्कूल बस, वैन सहित अन्य गाडिय़ां चलाने वाले ड्राइवर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शराबी चालक का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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स्कूल बस-वैन व अन्य गाडिय़ों की जांच की समय सीमा समाप्त, अब कार्रवाई होगी
जिला परिवहन अधिकारी भगत ने कहा कि जुलाई महीने में हमने जिलेभर के स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किया था। इसमें सिर्फ 15 स्कूल के संचालक बस-वैन की जांच, फिटनेस सहित अन्य जांच कराने पहुंचे थे। बचे हुए लोगों को दोबारा नोटिस जारी किया गया है, जिन्हें 18 सितंबर तक समय दिया गया है।

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निर्धारित तिथि के बाद सत्यापन-जांच नहीं कराने वाले बस संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बिना फिटनेस, सुरक्षा नियम (Road safety rules) को दरकिनार कर स्कूल बस में बच्चों को बैठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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