मनेंद्रगढ़। भाजपा के नेतृत्व में मंगलवार को मोर आवास, मोर अधिकार के 101 हितग्राहियों ने कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया।
भाजपा प्रदेश नेतृृत्व के आह्वान पर एमसीबी जिलाध्यक्ष अनिल केशरवानी, पूर्व संसदीय सचिव चम्पा देवी पावले, पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्षा रेणुका सिंग ने कहा कि 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी जन घोषणा पत्र में श्शहरी और ग्रामीण आवास का अधिकार आम जन को देने का वादा किया गया था। आज कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार का चार साल से ज्यादा समय बीत चुका है। जो आवासहीन गरीबों की भावना से खिलवाड़ कर रही है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कोई योजना साढ़े चार साल में आ नहीं पाई। साथ ही घोर आपत्तिजनक यह है कि गरीबों की योजना प्रधानमंत्री आवास और छत्तीसगढ़ प्रदेश की गरीब जनता के बीच भूपेश सरकार बड़े दीवार की तरह खड़ी हो गई है। शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम बदला गया है। आवासीय पट्टे के लिए गरीबों से लाखों रुपए अधिकृत तौर पर वसूले जा रहे हैं। अनाधिकृत वसूली की बात अलग है। औपचारिकता पूर्ण होने तथा नगरीय निकाय से राज्य शासन को प्रस्ताव भेजने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत नहीं किया जा रहा है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि नगर निगमों में मोर मकान, मोर आस नाम से प्रधानमंत्री आवास देने के लिए भूपेश सरकार आवासहीन गरीबों से 3.25 लाख प्रति परिवार वसूल रही है। जबकी हितग्राहियों से मात्र 75 हजार रुपए लेना चाहिए। नगरीय निकाय में प्रधानमंत्री आवास देने की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। फिर भी शहर के गरीब आवास से वंचित हैं। भाजपा के कार्यकर्ता ने कहा कि सरकार तुरंत ही प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत नहीं करती है तो शीघ्र ही जन आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान लखनलाल श्रीवास्तव, रामलखन सिंह, बीरेंद्र राणा, जमुना पाण्डेय, जय लाल टेकाम, संजय गुप्ता, अजय विश्वकर्मा, प्रदीप वर्मा, अंकुर जैन, आनंद ताम्रकार, अलका गांधी, कोमल पटेल, कबिता दीवान, गीता पासी, मीरा यादव आदि मौजूद थे।