
नई व पुरानी रंगत मिली तो बदले चित्रों के ढंग,नई व पुरानी रंगत मिली तो बदले चित्रों के ढंग
कोटा. संस्था कलावृत्त जयपुर की ओर राजस्थान ललित कला अकादमी के सहयोग से संस्था के स्थापना दिवस पर ऑनलाइन चित्र कार्याशाला का आयोजन किया गया। संस्था के अध्यक्ष संदीप सुमहेन्द्र ने बताया कि कार्यशाला में देश विदेश के 140 प्रतिभागी शामिल हुए। इनमें 4 अन्य देशों के प्रतिभागी रहे। उन्होंने कार्याशाला के विषयों के अंतर्गत नवीनता व प्राचीनता लिए हुए कला कृतियां तैयार कर संस्था को भेजी। प्रसिद्ध चित्रकारों के सानिध्य में वरिष्ठ युवा व नव चित्रकारों व कलाकारों ने पारंपरिक लघु चित्रण तकनीक को अपनाते इसमें समसामयिक चित्रण का समावेश करते हुए कलाकृतियां तैयार की।
वर्ष कलेंडर के लिए चित्र का चयन
कोटा के भी तीन कलाकारों शंभू सिंह चौबदार, हेमंत रावल व हिना वर्मा ने कार्यशाला में भाग लिया। संस्था अध्यक्ष संदीप सुमहेन्द्र ने बताया कि प्राप्त कलाकृतियों में से 24 कृतियों को स्मृति के रूप में संस्था के वर्ष कलेंडर पर दर्शाया जाएगा। इसमें कोटा के तीन प्रतिभागियों में से शंभू सिंह चौबदार के चित्र का भी चयन किया गया है। 12 माह के प्रत्येक पृष्ठ पर दो दो चयनित चित्रों को नाम व विषय के साथ स्थान दिया जाएगा।
पौष माह का किया चित्रण
कोटा के चित्रकार शम्भूसिंह ने कलाकृति सर्दी के पौष माह का चित्रण किया है। इसमें समसामयिक व कोटा शैली नायिका की तस्वीर बनाई है। चित्र में नायिका सर्दी से बचाव के लिए अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाने का प्रयास कर रही है। कमल पुष्प और झील भी तस्वीर में दर्शाए हैं। यह पुष्प नायिकाओं को सबसे प्रिय पुष्प रहा है और कमल झील की ओर आकर्षित रहती है। पोलो खेल का भी चित्र में उल्लेख किया गया है। पोलो के खिलाड़ी इसमें दर्शाए हैं।
Published on:
21 Dec 2020 10:31 pm
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