
कोटा .
सावित्री बाई फूले देश की प्रथम शिक्षिका एवं सामाजिक क्रांति की अग्रदूत थी, जिन्होंने दीपक की तरह लौ जलाकर मानव जीवन के उत्थान में समय बिताया। युवा उनके विचारों को आत्मसात कर जन-जन तक पहुंचाएं। कृषि, पशुपालन मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी ने ये बात बुधवार को नागाजी के बाग में सावित्री बाई फूले की 146 वीं जयंती के अवसर पर माली सैनी यूथ फाउण्डेशन द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा की अलख जगाने के लिए सावित्री बाई ने जिस त्याग एवं समर्पण के साथ कार्य किया उसे आज भी आगे बढाने की आवश्यकता है। कृषि मंत्री ने युवाओं को आव्हान किया कि सावित्री बाई फूले द्वारा जगाई गई अलख को गांव-गांव तक पहुंचाए तथा आधुनिक खेती व शिक्षा के संदेश को साकार करें।
महात्मा ज्योतिबा फूले हो कृषि विश्वविद्यालय का नाम
कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने सावित्री बाई फूले को महान समाज सुधारक बताते हुए उनके विचारों को अपनाने का आव्हान किया। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय का नामकरण महात्मा ज्योतिबा फूले के नाम से किए जाने का सुझाव दिया। विधायक हीरा लाल नागर ने सांगोद में नई सब्जीमंडी का नामकरण ज्योतिबा फूले के नाम से किए जाने तथा चौराहे पर उनकी प्रतिमा लगवाने का सुझाव दिया। यूथ फाउण्डेशन के अध्यक्ष महावीर सुमन सावित्री बाई फूले के जीवन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पार्षद महेश गौतम, राकेश पुटरा, संगठन के भावेश चौहान, राजेन्द्र सांखला सहित बडी संख्या में महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
Updated on:
04 Jan 2018 06:01 pm
Published on:
03 Jan 2018 09:53 pm
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
