
कोटा . उद्योग नगर पुलिस ने बुधवार को दो बाइक चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की 11 बाइक बरामद की है। आरोपित बाइक चोरी कर उनकी पहचान छिपाने के लिए नम्बर प्लेट व इंजन तक बदल देते थे। पुलिस आरोपितों से अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है।
शहर पुलिस अधीक्षक अंशुमान भौमिया ने बताया कि गत वर्ष दिसम्बर के अंत में अचानक से बाइक चोरी की घटनाएं बढ़ गई। इसे देखते हुए एएसपी उमेश ओझा व उप अधीक्षक नरसीलाल मीणा के निर्देशन में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम के निर्देशन और उद्योग नगर थानाधिकारी लोकेन्द्र पालीवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम बुधवार को थेगड़ा पुलिया पर नाकाबंदी कर रही थी। उसी समय एक बाइक सवार तेजी से आया और नाकाबंदी को तोड़ते हुए भागने का प्रयास करने लगा। जिसे पुलिस ने पीछा कर पकड़ लिया। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम प्रेम नगर तृतीय निवासी जितेन्द्र कोली(29) बताया। जब उससे बाइक संबंधी दस्तावेज दिखान को कहा तो वह संतोषप्रद जवाब नहीं दे सका।
उससे गहनता से पूछताछ की गई तो उसने यह बाइक अपने साथी डीसीएम पावर हाउस निवासी किशन तेली(24) के साथ मिलकर चोरी करना बताया। इस पर किशन को भी दस्तायब कर पूछताछ की गई। दोनों ने यह बाइक 27 दिसम्बर को आरकेपुरम् निवासी चेतन सिंह की चोरी करना कबूल किया। इस पर दोनों को गिरफ्तार किया। दोनों से अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ की जा रही है। दोनों को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
मकान से बरामद की 10 और बाइक
थानाधिकारी लोकेन्द्र पालीवाल ने बताया कि दोनों की निशानदेही पर 10 अन्य बाइक जितेन्द्र के मकान से बरामद की गई। जितेन्द्र के मकान में बक्सेनुमा जगह बनी हुई है। जहां पर चोरी की बाइकों को रखकर उनकी नम्बर प्लेट व इंजन बदलने का काम किया जाता है। ये बाइक उद्योग नगर, कैथून व गुमानपुरा समेत अन्य क्षेत्रों से चोरी की गई है।
मिस्त्री का काम करता था आरोपित
सीआई ने बताया कि जितेन्द्र पहले एक दुकान पर मिस्त्री का काम कता था। उसकी चोरी की आदतों को देखते हुए दुकानदार से उसे अपने यहां से हटा दिया था। इसके बाद से नशा समेत अन्य शौक पूरा करने के लिए यह अपने साथी के साथ मिलकर बाइक चोरी करने लगा। इनका इरादा बाइक को मोडीफाइड कर सस्ते दामों में बेचने का था लेकिन इससे पहले ही ये पकड़े गए।
Published on:
03 Jan 2018 08:18 pm
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