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Update News : गैस रिसाव से 17 स्कूली छात्राओं और बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़, मची अफरा-तफरी, आला अधिकारी मौके पर पहुंचे

10 कोटा के अस्पतालों में भर्ती, 8 की प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी

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Gas Leak in kota

Gas Leak in kota

सीमलिया थाना क्षेत्र के गड़ेपान स्थित चंबल फर्टिलाइजर्स केमिकल लिमिटेड (सीएफसीएल प्लांट) के निकट राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गैस रिसाव से 17 स्कूली छात्राएं और एक बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ गई। 9 छात्राओं व महिला को कोटा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। आठ छात्र-छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी कर दी।

प्रार्थना सभा के दौरान स्कूल में गैस की दुर्गंध फैल गई। बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और कई छात्राएं बेहोश हो गईं। कुछ को उल्टियां होने लगीं। जिससे स्कूल अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों व स्कूल स्टाफ ने आरोप लगाया कि प्लांट से हुए अमोनिया गैस रिसाव से बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।

सूचना पर जिला कलक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी, ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर, कोटा सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। एनडीआरएफ की टीम राहत और बचाव के लिए पहुंची। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, व शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जिला कलक्टर से बातचीत कर मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी प्रशासन से घटनाक्रम की जानकारी ली और प्रभावित बच्चों के उचित उपचार के निर्देश किए।

स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों ने दिखाया साहस

गैस रिसाव के बाद स्कूल स्टाफ और अन्य छात्रों ने प्रभावित बच्चों को पास ही गड़ेपान डिस्पेंसरी पहुंचाया। एम्बुलेंस आने में देर हुई तो स्कूल स्टाफ व अन्य बच्चों ने कुछ बच्चों को कंधे पर लेकर डिस्पेंसरी में दौड़े। प्राचार्य रंजना शर्मा ने बताया कि शनिवार को 209 बच्चे विद्यालय आए थे। गैस रिसाव के बाद सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल की छुट्टी कर दी गई।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

घटना की सूचना पर जिला शिक्षा अधिकारी को मौके पर भेजा। अभिभावकों से बात कर बच्चों की तबीयत की जानकारी ली गई है। तीन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। वो आगामी तीन दिन तक बच्चों के स्वास्थ्य का अपडेट लेते रहेंगे। जेके लोन अस्पताल में भी दो अध्यापक तैनात किए गए, जो भर्ती बच्चों की सार-संभाल करेंगे। जांच में कंपनी की लापरवाही सामने आई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मदन दिलावर, शिक्षा मंत्री

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अस्पताल में भर्ती कराया

स्कूली बच्चों के गैस रिसाव के चपेट में आने की सूचना मौके पर पहुंचा। एम्बुलेंस प्रभावित बच्चों को मेडिकल कॉलेज लेकर चली गई थी। वहां से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जेके लोन अस्पताल भर्ती कराया गया। लक्षण गैस रिसाव की चपेट में आने की आशंका हैं।

डॉ. नरेन्द्र नागर, सीएमएचओ, कोटा

प्रदूषण नियंत्रण मंडल मामले की जांच कर रहा है। सीएफसीएल से भी आंतरिक जांच रिपोर्ट और सेफ्टी ऑडिट मांगी है। रिपोर्ट के बाद ही घटना की वजह स्पष्ट हो पाएगी। उस अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी छात्राएं खतरे से बाहर हैं।

डॉ.रविन्द्र गोस्वामी, जिला कलक्टर, कोटा

चंबल फर्टिलाइजर्स का कारखाना उच्चतम सुरक्षा और पर्यावरणीय अनुपालन मानकों से संचालित है। आधुनिक उपकरण गैस रिसाव का तुरंत पता लगाते हैं। एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट के रूप में चंबल फर्टिलाइजर्स सभी विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की देखभाल में पूर्ण सहयोग कर रहा है। घटना की संबंधित अधिकारियों से जांच करवाई जाएगी।

विशाल माथुर, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट एचआर एंड एडमिन, चंबल फर्टिलाइजर्स