
कोटा. शहर में स्वाइन फ्लू और बुखार के कारण हुए ब्रेन हेमरेज से गुरुवार को दो युवकों की मौत हो गई। ब्रेन हेमरेज से एक आईआईटीयन युवक की मौत का पहला मामला सामने आया है, जबकि स्वाइन फ्लू से इस सीजन में संभाग में 12वीं मौत है।
कोटा. शहर में स्वाइन फ्लू और बुखार के कारण हुए ब्रेन हेमरेज से गुरुवार को दो युवकों की मौत हो गई। ब्रेन हेमरेज से एक आईआईटीयन युवक की मौत का पहला मामला सामने आया है, जबकि स्वाइन फ्लू से इस सीजन में संभाग में 12वीं मौत है।
चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, तलवंडी निवासी ओमप्रकाश सेठी (40) का बसंत विहार स्थित निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। 29 अगस्त को रिपोर्ट में वह स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया। 30 अगस्त की रात को उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने बताया कि आेमप्रकाश के फेफड़ों में संक्रमण पहुंच गया था।
उधर, महावीर नगर तृतीय निवासी चैतन्य नागर (20) को 3-4 दिन से बुखार था। उसका घर पर ही उपचार चल रहा था। मंगलवार रात को उसे नए अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया था। पिता देवीशंकर नागर अस्पताल में कम्पाउण्डर हैं। रातभर चैतन्य की स्थिति क्रिटिकल रही और देर रात 2 बजे उसे अचानक सर्दी लगी और ब्रेन हेमरेज हो गया।
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बुधवार दोपहर में उसे एमबीएस अस्पताल की स्ट्रोक यूनिट में भर्ती कराया गया। डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि जिस समय चैतन्य को अस्पताल लाया गया था, उसकी स्थिति बेहद गंभीर थी। डेंगू की जांच कराई गई, लेकिन निगेटिव आई। प्लेटलेट्स कम आ रहे थे, तो उसे एसडीपी भी चढ़ानी पड़ी। बीपी डाउन होने से उसे वेंटीलेटर पर लिया गया, लेकिन देर रात उसकी मृत्यु हो गई।
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ये हैं लक्षण
सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार का एक साथ आना।
बचाव
यदि नेगेटिव रिपोर्ट आई है और लक्षण हैं तो भी पांच दिन की दवाइयों का कोर्स लेना होगा। लक्षण दिखते ही तुरंत वैक्सीन लगाना चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति को वैक्सीन लगाने के 15 दिन बाद असर करती है। बार-बार हाथ धोना व मास्क लगाना चाहिए। बाजारों की भीड़-भाड़ से बचाना चाहिए।
Published on:
31 Aug 2017, 10:01 PM IST
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