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पांच साल पहले मृत युवक की आत्मा लेने अस्पताल आए परिजन, गीत गाए ढोल बजाये और फिर ….

कोटा के एमबीएस अस्पताल में फिर आत्मा लेने पहुंचे परिजन, तांत्रिकों ने किया अनुष्ठान, तंत्र-मंत्र और टोने-टोटके से मचा हड़कम्प,आधे घण्टे तक अंधविश्वास के फेर में उलझे

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कोटा

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Suraksha Rajora

Nov 25, 2019

कोटा. ग्रामीण इलाको में बसने वाले लोगो के जहन में अंधविश्वास ने इतना घर कर चुका है अब तो ऐसा लगने लगा है कि कोटा के अस्पतालो में आत्माओ का बसेरा है। एमबीएस, नए अस्पताल व जेके लोन में बार बार ग्रामीण इलाकों के लोग मृतक की आत्मा लेने आते है।

सोमवार को भी एमबीएस अस्पताल में अंधविश्वास का नजारा देखने को मिला। ग्रामीणों ने बाकायदा अस्पताल के डीडीसी काउंटर (दवा काउंटर) के सामने सड़क पर पूजा अर्चना की। ओर मृतक आत्मा को अपने साथ ले गए। करीब आधे घण्टे तक अस्पताल परिसर में अंधविश्वास का खेल देखने को मिला।

इस दौरान लोगो की भारी भीड़ लगी रही। दरअसल बूंदी के तालेड़ा कस्बा के रजवास गांव निवासी 22 साल वर्षीय पुरुषोत्तम, दिसम्बर 2014 में सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था। जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। युवक की मौत के बाद परिवार के सदस्यों की तबियत खराब रहने लगी। घर मे अशांति होने पर परिजनों ने भोपे (देवता)की शरण ली।

भोपे ने मृतक की आत्मा अस्पताल में भटकने की बात बताते हुए अस्पताल से आत्मा लाने की सलाह दी। इसी के चलते परिजन मृतक की आत्मा लेने एमबीएस अस्पताल पहुचे। अस्पताल के डीडीसी काउंटर के सामने सड़क पर परिजनों ने बाकायदा पूजा अर्चना की।

अगरबत्ती,दीपक व फूलमाला व ज्योत जलाई। महिलाये आत्मा की शांति के लिए गीत गाती रही। करीब आधे घण्टे तक परिजन अंधविश्वास के फेर में उलझे रहे। बाद में ढोल बजाते हुए मृतक की आत्मा को अपने साथ ले गए।