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सांसें लेकर एक माह में दौड़ी 229 ऑक्सीजन एक्सप्रेस

ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने देश के 13 राज्यों में राहत पहुंचाई है। इनमें उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और उत्तरप्रदेश शामिल हैं।
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कोटा

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Jaggo Singh Dhaker

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Updated: 23 May 2021, 2:04 PM IST

SE OXYGEN EXPRESS---दक्षिण-पूर्व रेलवे की ऑक्सीजन एक्सप्रेस राउरकेला से हरियाणा रवाना

SE OXYGEN EXPRESS---दक्षिण-पूर्व रेलवे की ऑक्सीजन एक्सप्रेस राउरकेला से हरियाणा रवाना

कोटा. भारतीय रेलवे मौजूदा चुनौतियों का सामना और नए उपायों की तलाश के साथ देश के विभिन्न राज्यों की मांग पर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति के अपने अभियान पर निरंतर काम कर रही है। भारतीय रेलवे अब तक देश के विभिन्न राज्यों को 919 टैंकरों में लगभग 15063 मीट्रिक टन चिकित्सा उपयोग के लिए तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति कर चुका है। करीब एक माह से चल रहे इस अभियान के अंतर्गत अब तक 229 ऑक्सीजन एक्सप्रेस की यात्रा पूरी हो चुकी है और विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचाई गई है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस से 13 राज्यों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है। उनमें उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। ऑक्सीजन एक्सप्रेस की शुरुआत 24 अप्रेल को हुई थी और पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 126 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के साथ महाराष्ट्र पहुंची थी। भारतीय रेलवे की ऑक्सीजन एक्सप्रेस ऑक्सीजन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इधर से उधर दौड़ रही हैं। पश्चिम में हापा, वडोदरा और मुंद्रा से तो पूरब में राऊरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर और अंगुल से ऑक्सीजन लेकर उसकी आपूर्ति कर रही है। ऑक्सीजन के रूप में सहायता की आपूर्ति यथासंभव शीघ्रता से करने के लिए भारतीय रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस मालगाड़ी चलाने में नए और बेमिसाल मानक स्थापित कर रहा है। लंबी दूरी के अधिकतर मामलों में मालगाड़ी की औसत गति 55 किलोमीटर से अधिक रही है। कोटा मंडल में तो ऑक्सीजन एक्सप्रेस को 85 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाया गया। उच्च प्रथमिकता के ग्रीन कॉरिडोर में आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मंडलों के परिचालन दल अत्यधिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। चालक दल बदलने जैसी तकनीकी आवश्यकताओं के लिए गाड़ी का ठहराव की अवधि केवल एक मिनट रखी गई है।