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राजस्थान का ऐसा अस्पताल जहां मरीजों को इलाज के बदले मिलती है तारीख पर तारीख…

मेडिकल कॉलेज व एमबीएस चिकित्सालय में दिल के रोगियों का दर्द कम नहीं हो रहा। दिल के रोगियों को 2-डी ईको कराने के लिए 70 दिन इंतजार करना पड़ रहा है।

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कोटा

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Zuber Khan

Mar 15, 2018

kota MBS Hospital

कोटा . मेडिकल कॉलेज अस्पताल व एमबीएस चिकित्सालय में दिल के रोगियों का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा। दिल के रोगियों को 2-डी ईको कराने के लिए 70 दिन इंतजार करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ईकों की जांच के लिए 23 मई तक की तारीख दी जा चुकी है।

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एमबीएस चिकित्सालय में जांच के लिए 28 अप्रेल तक वेटिंग है। दो से ढाई माह की वेटिंग से रोगियों का दर्द बढ़ता जा रहा है। कई रोगी तो ऐसे हैं जो अस्पताल में 10 से 15 दिन भर्ती रहे और उनकी ईको जांच का नम्बर नहीं आया। वह डिस्चार्ज होकर घर चले गए। केवल जांच के लिए ही आ रहे हैं।

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280 मरीज लाइन में
न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में करीब 150 से अधिक दिल के रोगी तथा एमबीएस चिकित्सालय में 130 रोगी ईको कराए जाने के लिए कतार में हैं। ये जांच के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। हाड़ौती संभाग के सैकडों रोगी ईको जांच के लिए परेशान हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में ये जांच 550 रुपए तथा प्राइवेट में 1500 रुपए तक होती है।

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एमबीएस में दो ही दिन जांच
एमबीएस चिकित्सालय में केवल एक ही चिकित्सक निर्मल शर्मा बुधवार को जांच करते हैं। शनिवार को डॉ. हंसराज व दूसरे शनिवार को डॉ. भंवर रिणवा जांच करते हैं। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉ. मिनाक्षी शारदा, डॉ. हंसराज मीणा, डॉ. भंवर रिणवा व डॉ. अमृता मयंकर मंगलवार, बुधवार व गुरुवार को जांच करते हैं। पहले एमबीएस में गुरुवार को भी जांच होती थी। इसे बंद करने से भी वेटिंग लिस्ट बढ़ रही है। न्यू मेडिकल कॉलेज में कुछ दिन पूर्व एक और नई मशीन लगाई है। इससे रोगियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

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क्या है ईको जांच
ईको का इस्तेमाल हृदय रोगों के निदान में किया जाता है। हृदय, उसकी शक्ल, उसका आकार, उसकी पम्पिंग क्षमता और स्थान तथा इसके ऊतकों के लिए ये जांच उपयोगी है। हृदय वाल्व के रोगों का आकलन करने के लिए भी ये उपयोगी है। सीने में कोई भी दर्द में भी ये जांच उपयोगी साबित होती है।

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मरीजों का दर्द
बारां के पूरणमल सुमन ने बताया कि 27 जनवरी को डॉक्टर ने ईको की जांच के लिए लिखा। 14 मार्च को आने के लिए कहा था। बुधवार को जांच करा ली है। अब चिकित्सक को दिखाएंगे। सीने में दर्द रहने की वजह से ये जांच डॉक्टर द्वारा करवाई गई है।

कंसवा से आए रतन सिंह ने बताया कि 21 फरवरी को जांच लिखी थी और 14 मार्च को आने के लिए कहा था। जांच हो गई है, लेकिन इतने लम्बे समय बाद नम्बर आया।

चिकित्सकों की कमी
ईको जांच प्रभारी अधिकारी डॉ. निर्मल शर्मा ने बताया कि हमारे यहां जांच के लिए चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सक बढ़ जाएंगे तो जांच की वेटिंग कम हो जाएगी। प्रतिदिन 8 से 12 मरीजों की ईको जांच की जा रही है।