
धनतेरस पर बिकेंगे 500 किलो चांदी के सिक्के, देवी देवताओं की मूर्तियों की मांग
धनतेरस पर इस वर्ष बाजार में चांदी के सिक्कों की खनक के साथ-साथ देवी देवताओं की प्रतिमाओं की खरीदारी हो रही है। धनतेरस व दीपावली पर धन की देवी लक्ष्मी व बुद्धि के दाता गणेश की मूर्तियों के प्रति विशेष क्रेज है। हालांकि परम्परागत रूप से लोग सिक्के भी खरीद रहे हैं, लेकिन मूर्तियों की खरीद पर ज्यादा रुझान है।
सर्राफा व्यवसायियों की मानें तो धनतेरस की दो दिवसीय खरीदारी में सिक्कों व प्रतिमाओं का करीब 50 लाख का कारोबार होने की उम्मीद है। दीपावली से पहले धनतेरस पर शगुन के तौर पर हर कोई खरीदारी करता है। सोना, चांदी, आभूषण समेत घर की आवश्यकता की वस्तुओं को खरीदते हैं।
दो दिन में बिक जाएंगे 50 लाख के चांदी के सिक्के
श्री सर्राफा बोर्ड कोटा अध्यक्ष सुरेन्द्र गोयल विचित्र ने बताया कि इस बार दो दिवसीय धनतेरस पर कोटा जिले में 500 किलो से ज्यादा चांदी के सिक्कों की बिक्री होगी। इसमें श्री सर्राफा बोर्ड की ओर से निर्मित 100 किलो चांदी के सिक्कों व 400 किलो अन्य मार्का वाले सिक्के बिकने की उम्मीद है। सर्राफा बोर्ड की ओर से 5, 10, 20, 50, 100 व 250 ग्राम शुद्ध चांदी के सिक्के निकाले गए है। ग्राहकों की मांग पर 500 ग्राम व 1 किलो के सिक्के भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनके अलावा चांदी के पुराने सिक्कों में महारानी विक्टोरिया व जार्ज पंचम के सिक्कों की खरीद फरोख्त भी काफी होती है।
सर्राफा व्यवसायी संजय गोयल ने बताया कि युवा पीढ़ी सिक्कों के बजाय लक्ष्मी-गणेश, राधा-कृष्ण, शिव, हनुमान, दुर्गामाता सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की खरीदारी पसंद कर रही हैं। गृहिणियां सिक्कोंं की बजाय चांदी से निर्मित ठाकुरजी के सिंहासन, छत्र, मुकुट, झालर सहित अन्य सजावटी सामग्री खरीदना पसंद करती है। इसके अलावा चांदी के 2 हजार व 500 के नोटों की भी डिमांड है।
चांदी के पन्ने पर हनुमान चालीसा की भी डिमांड
चांदी के पन्ने पर हनुमान चालीसा की भी काफी डिमांड है। साथ ही चांदी की चप्पल, गाय की प्रतिमा, पर्स, कटार व तलवार, ताश के पत्तों की खरीदारी का भी क्रेज बढ़ा है। उन्होंने बताया कि सोने के सिक्कों की ज्यादा डिमांड नहीं रहती। कुछ लोग सोने के सिक्कों की खरीदारी भी पसंद करते है।
Published on:
22 Oct 2022 09:18 pm
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