
घर पहुंचकर कोचिंग विद्यार्थियों ने उड़ेला प्यार, कविता लिखी तो किसी भेजा स्कैच
कोटा. जब संकट के बादल घने होते गए, बच्चे घर जाने को रोते गए, तभी बंद कर दिया सरकार ने आने का द्वार, हम बेबस थे मान गए थे हार, आज हम घर पर हैं कैसे कहें उनका धन्यवाद...। ये पक्तियां किसी कविता की नहीं है। कुछ तरह के संदेश भेजकर कोटा से गए हजारों बच्चे कोटा कलक्टर आभार प्रकट कर रहे हैं। कोटा में कोचिंग करने आए हजारों विद्यार्थियों के सुरक्षित घर पहुंचने के बाद कोटा प्रशासन के लिए ढेर सारा प्यार भेजा है।
जिला कलक्टर ओम कसेरा को ट्वीट करके आभार प्रकट किया है। शुक्रवार को एक ही दिन में दोपहर 12 बजे शाम पांच बजे तक उनके ट्वीटर पर 56 हजार संदेश प्राप्त हुए हैं। इनमें उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते शुक्रिया अदा किया है। किसी ने कलक्टर ओम कसेरा का स्कैच बनाकर भेजा है तो किसी ने उनके सम्मान में कविता लिखी है। एक साथ इतने संदेश आने के कारण उनका अकाउंट रैंकिंग में 11वें नम्बर पर रहा। बिहार में इसका सबसे ज्यादा ट्रेंड रहा। संदेश एक बार आना शुरू हुए उसके बाद थमे नहीं। छात्र दीपक साहू ने लिखा छुप-छुप के ट्वीट कर रहा हूं, डर है कि घर वाले डांटे नहीं दें यह बोल कि कब से फोन चला रहे हो, पर आज डांट खाने को तैयार हूं। एक छात्र ने लिखा किस तरह शुक्रिया कहे आपके प्यार का कोटा में जो मिला, आखिर एक इंसान की मेहनत को सलाम, जिन्होंने सब किया और रह गए बेनाम..., और कोटा में कुछ चमत्कार सा हुआ, एक बंदे ने हमारे लिए पूरे सिस्टम से सुना पर वो बात पर अटल रहे...ऐसे अनेक संदेश बच्चों ने भेजे हैं। छात्रा पूजा ठाकुर ने लिखा बहुत मुश्किल होता है सरकार की हर शर्त मानना और अपना फर्ज निभाना, आपने दोनों ही बखूबी निभाया। कोटा से करीब 58 हजार बच्चों को सुरक्षित घरों को भेजा गया है। इस बारे में जब कोटा कलक्टर से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने बात नहीं की और सिर्फ इतना कहा, जो काम मुझे करना तो मैने पूरा किया। इस बारे में कुछ कहना नहीं चाहता।
Published on:
16 May 2020 07:11 am
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